सवाल – एक औरत हैज़ वाली है और उसे तवाफ़-ए-ज़ियारत करना है। लेकिन वो वापसी की तारीख के बाद ही हैज़ से पाक होगी, जबकि उसकी फ्लाइट बुक है, तो क्या उसके लिए गुंजाइश है कि वो हैज़ की हालत में तवाफ़-ए-ज़ियारत कर ले और दम अदा कर दे? जवाब …
और पढ़ो »सुबह-शाम दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عَن ابي الدرداء رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه و سلم مَن صَلَّى عَلَيَّ حِينَ يُصْبِحُ…
हज़रत अब्दुल्लाह बिन अब्बास (रज़ि.) का दुरूद
عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُمَا أَنَّهُ كَانَ إذَا صَلَّى عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللهُ عَ…
रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम के बहोत ज़्यादह ख़ुश होने का कारण
عن أبي طلحة الأنصاري رضي الله عنه قال أصبح رسول الله صلى الله عليه وسلم يوما طيب النفس يرى في وجهه ا…
क़यामत के दिन नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम से ज़्यादा निकट शख़्स
عَن عَبدِ اللهِ بنِ مَسعُودٍ رَضِيَ اللهُ عَنهُ أَنَّ رَسُولَ اللهِ صَلَّى اللهُ عَلَيهِ وَ سَلَّم ق…
दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए ख़ुशख़बरी
عن عبد الرحمن بن عوف رضي الله عنه قال خرج رسول الله صلى الله عليه وسلم فاتبعته حتى دخل نخلا فسجد فأط…
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तवाफ़-ए-ज़ियारत को क़ुर्बानी के दिनों के बाद तक अनावश्यक रूप से स्थगित करना
सवाल – अगर हाजी ने शर’ई उज़्र के बिना कुर्बानी के दिनों के बाद तक तवाफ़-ए-ज़ियारत को टाल दे तो शरीयत में उस का क्या हुक्म है? जवाब – तवाफ़-ए-ज़ियारत को बिना शर’ई उज़्र के कुर्बानी के दिनों के बाद तक टालना जायज़ नहीं है। अगर किसीने इतनी देरी कर …
और पढ़ो »ज़ियारत या उमरा का तवाफ़ बिना वज़ू किए करना
सवाल – अगर कोई शख्स बिना वुज़ू के तवाफ़-ए-ज़ियारत या उमरा का तवाफ करे, तो शरीयत में उस का क्या हुक्म है? जवाब – उस पर एक दम वाजिब होगा; लेकिन, अगर वह वुज़ू करके उस तवाफ को फिरसे कर ले, जो वुज़ू के बगैर किया था, तो उस से …
और पढ़ो »तवाफ़ के दौरान वुज़ू तोड़ना
सवाल – अगर तवाफ़ के दौरान किसी शख्स का वुज़ू टूट जाए तो उसे क्या करना चाहिए? जवाब – अगर तवाफ़ के दौरान किसी शख्स का वुज़ू टूट जाए, तो उसे चाहिए कि फौरन दोबारा वुज़ू करे और फिर से तवाफ़ शुरू करे। अगर वह चाहे तो वो उस जगह …
और पढ़ो »प्रस्तावना
अल्लाह त’आला ने इन्सानों को बेशुमार नेमतों से नवाज़ा है और अल्लाह त’आला की हर नेमत बहुत बड़ी है, लेकिन दीन की नेमत सबसे बड़ी और ‘अज़ीम नेमत है; क्योंकि दीन ही के ज़रिए इन्सान को आखिरत में नजात मिलेगी, उसको जहन्नम के हमेशा के अज़ाब से छुटकारा मिलेगा और …
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