3 days ago
सलात ‘अलन्नबी के मायने
‘उलमा ने यहाँ ‘सलात ‘अलन्नबी (नबी पर दरूद भेजने) के कई मायने बयान किए हैं। हर जगह …
3 days ago
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ३
(१) बीमार की इयादत करने से पहले वज़ू करना मुस्तहब है। हज़रत अनस रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि र…
4 days ago
जुमे के दिन दुरूद शरीफ़ पढ़ने की महान फ़ज़ीलत
सहाबए किराम (रज़ि.) के दिलों में रसूले करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की बे पनाह मोहब्बत... …
5 days ago
उस्ताद की बे-अदबी इल्म से महरूमी का सबब
शेख़ुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिय्या रह़्मतुल्लाही अलैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: “मे…
5 days ago
हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के दिल में अल्लाह तअ़ाला के सामने हिसाब का ख़ौफ़
قال سيدنا أبو ذر رضي الله عنه من شدة خشية المحاسبة بين يدي الله: والله لوددت أن الله عز وجل خلقني يو…
નવા લેખો
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैही व-सल्लम का जन्नत में हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु के जूतों की आवाज़ सुनना
ذات مرة، قال رسول الله صلى الله عليه وسلم لسيدنا بلال رضي الله عنه: سمعت الليلة خشف نعليك بين يدي في الجنة (في رؤيا أريته) (من صحيح مسلم، الرقم: 2458) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैही व-सल्लम ने एक मर्तबा हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु को मुख़ातिब कर के फ़रमाया: ”गुज़िश्ता रात (ख़्वाब में) …
اور پڑھوहज की क़बूलियत के लिए तीन अहम उमूर
जुम्आ के दिन दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से दीनी और दुनयवी ज़रूरतों की तकमील
सुलहे हुदैबियह के मोक़े पर नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने हज़रत उषमान (रज़ि.) को मक्का मुकर्रमह भेजा, ताकि वह मक्का मुकर्रमह में क़ुरैश से बात-चीत करें...
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી