हज़रत लैस बिन-सा’द रह़िमहुल्लाह की सखावत हारून रशीद ने पांच सौ दीनार (अशर्फियां) एक मर्तबा हज़रत इमाम मालिक रह़िमहुल्लाह की नज़र किये। हज़रत लैस बिन-सा’द रह़िमहुल्लाह को इसका इल्म हुआ तो उन्होनें एक हज़ार दीनार हज़रत इमाम मालिक रह़िमहुल्लाह के पास भेजे। बादशाह को इसका इल्म हुआ तो वह नाराज़ …
اور پڑھوमस्जिद में प्रवेश करते और बाहर निकलते समय दुरूद पढ़ना
عن أبي حميد أو أبي أسيد الأنصاري رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل أحدكم الم…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम की ज़बाने-मुबारक से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की क़िराअत की तारीफ़
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من سره أن يقرأ القرآن رطبا كما أنزل فليقرأه على قراءة ابن أم عبد (…
तकब्बुर दूर होने की अलामत
शैखुल-हदीस हज़रत मौलाना मुह़म्मद ज़करिया रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: एक साहब ने ख…
दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से ज़रूरतों की तकमील
“जो शख़्स मेरी क़बर के पास खड़ा हो कर मुझ पर दुरूद पढ़ता है में उस को ख़ुद सुनता हुं और जो किसी और ज…
हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु की ज़िंदगी के आख़िरी लम्हात
لما حضرت سيدنا أبا ذر رضي الله عنه الوفاة، بكت زوجته. فقال لها: ما يبكيك؟ فقالت: وما لي لا أبكي وأنت…
નવા લેખો
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائق، فهو قائم على قبري إذا مت، فليس أحد يصلي علي صلاة إلا قال : يا محمد صلى عليك فلان ابن فلان...
اور پڑھوसबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ الله وَمَلئِٰكَتَهُ يُصَلُّوْنَ عَلٰى النِّبِيِّ يٰأَيُّهَا الَّذِيْنَ آمَنُوْا صَلُّوْا عَلَيْهِ وَسَلِّمُوْا تَسْلِيْمًا बेशक अल्लाह और उन के फ़रिश्ते नबी (सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम) पर दुरूद भेजते हैं (यानी अल्लाह तआला नबी सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम पर …
اور پڑھوवुज़ू में आँखों के किनारों से मैल को दूर करना
सवाल: मैंने सुबह वुज़ू किया और फ़ज्र की नमाज़ अदा की। उसके बाद मैंने देखा कि मेरी आँखों के किनारों में कुछ मैल हैं। क्या इसकी वजह से मेरा वुज़ू सही नहीं हुआ और मेरी नमाज़ दुरुस्त नहीं हुई? जवाब: अगर मैल आँख के अन्दर था और उसने पानी को …
اور پڑھوमरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात नहीं, (यह बीमारी) पाक-साफ करने वाली है, इन्शाअल्लाह।” (सहीह बुख़ारी) (अर्थात तुम्हें बिल्कुल भी चिंता करने या डरने की आवश्यकता नहीं है। तुम्हें शुद्ध किया जा रहा है। आध्यात्मिक रूप से …
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