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सूरह फ़ातिहा की तफ़्सीर

الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ‎(۱)‏ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ ‎(۲)‏ مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ ‎(۳)‏ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ (٤) اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ (۵)‏ صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ (٦) غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ (۷) तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जो तमाम जहानों का रब है (१) जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है (२) जो रोज़-ए-जज़ा (बदले के दिन) का मालिक …

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जुमा के दिन दुरूद-शरीफ़ की कसरत (दुरूद शरीफ़ ज़्यादा पढ़ना)

عن أوس بن أوس رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم إن من أفضل أيامكم يوم الجمعة فأكثروا علي من الصلاة فيه فإن صلاتكم معروضة علي (سنن أبي داود#١٠٤٧)

हज़रत औस बिन औस (रज़ि.) से रिवायत है के...

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सामान की क़ीमत तय (फिक्स) किए बग़ैर खरीद-फरोख्त का हुक्म‎

सवाल: मैं अपने दोस्त से कुछ ख़रीदने गया था। उसने मुझे सामान दे दिया और मुझसे कहा कि बाद में वह मुझसे क़ीमत के बारे में बात करेगा। इस खरीद-फरोख्त का शरई हुक्म क्या है? अगर यह खरीद-फरोख्त दुरुस्त नहीं है, तो इसको सही करने का क्या तरीक़ा है? जवाब: …

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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु के इल्मे-दीन को फैलाना

لما دخل سيدنا علي رضي الله عنه الكوفة وشاهد علم أهلها، قال: أصحاب عبد الله سرج هذه القرية (في نشر علم الدين وإرشاد الناس) (الطبقات الكبرى ٦/٩٠) जब हज़रत अली रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु कूफ़ा शहर में दाख़िल हुए और वहाँ के रहने वालों के इल्म को देखा, तो उन्होंने फ़रमाया: “अब्दुल्लाह …

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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम की मोहब्बत

قال سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه: سأحدثك برجلين (معينين) مات رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو يحبهما عبد الله بن مسعود وعمار بن ياسر (مسند أحمد، الرقم: ١٧٨٠٧) एक मर्तबा हज़रत अम्र बिन-आस रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु ने एक शख़्स से फ़रमाया: “मैं तुम्हें दो ऐसे ख़ास शख्सियतों के …

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