सवाल – औरत के लिये हालते एहराम में चेहरे के परदे के बारे में शरीयत का क्या हुकम है?
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9 hours ago
मुसीबतों के वक़्त सब्र करना
हज़रत मौलाना मुहम्मद इल्यास साहिब रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फरमाया: सब कारकुनों को समझा दो कि…
4 days ago
नबी ए करीम (सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम) की शफ़ाअत
नुज़हतुल मजालिस में लिखा है के बाज़ सुलहा में से एक साहब को हबसे बौल हो गया(पेशाब रूक गया). उन्होंने…
April 25, 2026
वफ़ात से पहले हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की आखिरी बातें
لما احتضر سيدنا بلال رضي الله عنه قال: غدا نلقي الأحبة، محمدا وحزبه فقالت له امرأته حزينة: واويلاه! …
April 22, 2026
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) का विशेष दुरूद
अबु बकर बिन मुजाहिद अल मुक़री नव मौलूद के वालिद के साथ उठे. वज़ीर के दरवाज़े पर पहोंचे. अबु बकर ने व…
April 22, 2026
ग़फ़लत की जगहों में दुरूद शरीफ़ पढ़ना
“ए मेरे भतीजे ! मेरी किताब “अश शिफ़ा बितअरीफ़ि हुक़ूक़िल मुस्तफ़ा” को मज़बूती से पकड़ लो और उस को अल…
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हालते हैज (माहवारी) में तवाफे जियारत करना
सवाल – हज के दरमियान, तवाफे-जि़यारत से पेहले औरत (महिला) को हैज़ (माहवारी) शुरू हो जाए तो क्या वह हैज़ की हालत (माहवारी) में ज़ियारत कर सकती है?
اور پڑھوतवाफे जियारत
सवाल – क्या हाजी पर वाजिब है कि वह हलक (सर मुंडवाने) के बाद तवाफे जि़यारत करे?
اور پڑھوरमी जमरात, हलक (सर मुंडवाना) ओर कुरबानी में तरतिब
सवाल – क्या हाजी के लिए ज़रूरी है कि वह रमी-ए-जमरात, हलक (सर मुंडवाना) ओर दमे-शुक्र में मखसुस (खास) तरतीब का लिहाज़ रखे?
اور پڑھوहर जमरह की रमी के लिए कितनी कंकरिया जरूरी हैं ?
सवाल – हर जमरह की रमी के लिए कितनी कंकरिया ज़रूरी हैं?
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