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मय्यित को नेहलाने का तरीक़ा-भाग-१

जब मय्यित के गुसलऔर कफ़न दफ़न का प्रबंध हो जाए, तो मय्यित को स्ट्रेचर या तख़्त पर लिटा देंऔर गुसल के लिए ले जाऐं. अगर मुमकिन हो तो  तख़्त यास्ट्रेचर को तीन, पांच या सात दफ़ा किसी ख़ुश्बुदारचीज़ की धुनी दे दें, ताकि अगर मय्यित के बदन से किसी प्रकार की बदबू ख़ारिज हो...

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क़ज़ाए हाजत से संबंधित सवाल व जवाब

२०) बयतुलख़ला को साफ़ सुथरा रखना सीगरेट नोशी वग़ैरह के ज़रीए गंदगी न फ़ैलाना. बयतुलख़ला को इस्तिमाल करने के बाद गंदा न छोडना, बल्कि पानी से अच्छी तरह साफ़ कर देना. अगर बयतुलख़ला चंद लोगों के ज़ेरे ईस्तेमाल हो, तो सफ़ाई सुथराई का और ज्यादा ख़्याल रखना ताकि...

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मौत के बाद तुरंत क्या करना चाहिए ?

जब किसी की रूह निकल जाए, तो उस की आंखें बंद कर दो, सारे अंग ठीक कर दो, हाथों को उस के किनारे कर दो, उंगलियों और जोड़ों को ढीला कर दो, मुंह को इस तरीक़े से बांध दो के एक कपड़ा थोड़ी के नीचे से निकालो और उस के …

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बयतुल ख़ला की सुन्नतें और आदाब- (भाग-७)

غُفْرَانَكَ اَلْحَمْدُ لِلّٰهِ الَّذِيْ أَذْهَبَ عَنِّيْ الْأَذٰى وَعَافَانِيْ[2]

"ए अल्लाह मेरी मग़फ़िरत फ़रमा. तमाम तअरीफ़ें अल्लाह तआला के लिए हैं, जिन्होंने मुझ से तकलिफ़ देनेवाली चीज़ों को दूर किया...

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बयतुल ख़ला की सुन्नतें और आदाब- (भाग-६)

१४) इस बात का ख़ूब ध्यान रखना के पेशाब के छींटे बदन के किसी हीस्से पर न पडे. इस सीलसीले में ग़फ़लत, सख़्त अज़ाबे क़ब्र का बाइस है.[1]

عن أبي هريرة رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم أكثر عذاب القبر من البول ...

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