सवाल – मेरा सवाल यह है के जब में गुसल करता हुं तो गुसल के दौरान में कुछ पानी निकलता है, शायद मजी, अगर यह पानी निकले तो कया गुसल दोबारा शुरुअ करना पडेगा या नही या फीर दोबारा इस्तिन्जा करे और दोबारा गुसल शुरुअ से करें ?
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3 days ago
वफ़ात से पहले हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की आखिरी बातें
لما احتضر سيدنا بلال رضي الله عنه قال: غدا نلقي الأحبة، محمدا وحزبه فقالت له امرأته حزينة: واويلاه! …
6 days ago
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) का विशेष दुरूद
अबु बकर बिन मुजाहिद अल मुक़री नव मौलूद के वालिद के साथ उठे. वज़ीर के दरवाज़े पर पहोंचे. अबु बकर ने व…
6 days ago
ग़फ़लत की जगहों में दुरूद शरीफ़ पढ़ना
“ए मेरे भतीजे ! मेरी किताब “अश शिफ़ा बितअरीफ़ि हुक़ूक़िल मुस्तफ़ा” को मज़बूती से पकड़ लो और उस को अल…
6 days ago
अज़ान के बाद दुरूद शरीफ पढ़ना
ए अल्लाह ! मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) को “वसीला”(पूरी उम्मत के लिए सिफ़ारिश का हक़) अता फ़रमा…
6 days ago
दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से अस्सी साल के गुनाहों की माफ़ी और पुल सिरात पर रोशनी
हज़रत अबु हुरैरह (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के मु…
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नापाकी के आसार (नीशानी) को हाथ के साथ घोना
सवाल – गुसल के दौरान अपने उज्वे मखसुस (पेशाब की जगह) को भी हाथ लगा कर घोना चाहिए या सिर्फ पानी डाला जाए ? और अगर कभी इन्सान के उपर गुसल वाजिब हो जाए ओर मजबूरी की वजह से (पानी न हो) तो कया करना चाहिए ?
اور پڑھوगुसल में नाख़ुन के अंदर पानी दालना
सवाल – गुसल करने के दरमियान हम अपने नाख़ुन के अंदर भी पानी दालें, पांव के उपर और हाथ के या पानी खुद चला जाएगा ?
اور پڑھوखड़े होकर के पेशाब करना
सवाल – खड़े होकर पेशाब करने के बारे में कोई हदीष बता दीजिए.
اور پڑھوमज़ी और मनी में फ़र्क
सवाल – मैं अकसर अवक़ात किसी से बात करुं तो मेरा पानी निकल जाता है, तो उस पर गुसल करना पडता है और उस से रोज़ह तो बातील(टुटता) नही होता? मेरी निय्यत ख़राब नहीं होती लेकीन पता नही कया मस्अला है, बराए मेहरबानी कुछ बता दें इस बारे में और …
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