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मुतफ़र्रिक़ मसाईल

अगर ग़ुसल देने वाला मुसलमान आदमी मौजूद न हो, तो मुरदा आदमी को कैसे ग़ुसल दिया जाए? अगर किसी आदमी का इन्तिक़ाल(मृत्यु) हो जाए और उस को ग़ुसल देने वाला कोई मुसलमान आदमी मौजूद न हो...

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दस गुना षवाब

عَنْ أَبِي طَلْحَةَ رَضِيَ اللهُ عَنه أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَاءَ ذَاتَ يَوْمٍ وَالْبِشْرُ يُرَى فِي وَجْهِهِ فَقَالَ إِنَّهُ جَاءَنِي جِبْرِيلُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَمَا يُرْضِيكَ يَا مُحَمَّدُ أَنْ لَا يُصَلِّيَ عَلَيْكَ أَحَدٌ مِنْ أُمَّتِكَ إِلَّا صَلَّيْتُ عَلَيْهِ عَشْرًا وَلَا يُسَلِّمَ عَلَيْكَ أَحَدٌ مِنْ أُمَّتِكَ إِلَّا سَلَّمْتُ عَلَيْهِ عَشْرًا (النسائى رقم ۱۲۸۳..

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वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-५

१३) ऊंगलीयों का ख़िलाल करना. पहले दायें हाथ की ऊंगलीयों का ख़िलाल करना फिर बायें हाथ कि ऊंगलीयों का ख़िलाल का तरीक़ा यह है के बायें हाथ को दायें हाथ के ऊपर रख्खा जाए फ़िर बायें हाथ की ऊंगलीयों को दायें हाथ की ऊंगलियों के बीच फ़ेरा जाए...

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