सवाल – हमें आशूरा का रोज़ा कब रखना चाहिए ? बराए महेरबानी रहनुमाई फरमाएं?
اور پڑھوमुलाक़ात के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत अनस (रज़ि.) से रिवायत है के नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “दो एसे मु…
मस्जिद में दाख़िल होने और मस्जिद से निकलने के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عن فاطمة رضي الله عنها قالت: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل المسجد صلى على محمد وسلم وقال …
फ़ज़र की नमाज़ और मग़रिब की बाद सो (१००) बार दुरूद शरीफ़
तो हज़रत उम्मे सुलैम (रज़ि.) ने एक शीशी ली और उस में आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक पसीना जम…
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के चार मुअज़्ज़िन
حظي أربعة من الصحابة رضي الله عنهم بشرف كونهم مؤذني رسول الله صلى الله عليه وسلم. اثنان عينهما رسول …
हज़रत जिब्रील ‘अलैहिस्सलाम और रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की बद-दुआ
जो बुलंद आवाज़ से दुरूद शरीफ़ पढ़ेगा, उस को जन्नत मिलेगी, तो में ने और मजलिस के दीगर लोगों ने भी बुल…
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वुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-९
२७) अगर आप कीसी बरतन में पानी ले कर वुज़ू कर रहै हैं, तो वुज़ू के बाद बचा हुवा पानी खडे हो कर पी लें. २८) वुज़ू के बाद शर्मगाह के इर्दगीर्द कपडें पर पानी छीड़कना , ताकि बाद में अगर ये शक पैदा हुवा के वुज़ू के बाद पेशाब के कतरें निकल आए हें, तो इस तरह करने से वह शक दूर हो जाएगा. अलबत्ता अगर किसी को यकीन हो के वुज़ू के बाद पेशाब के कतरें निकले हैं...
اور پڑھوहालते एहराम में इन्तेक़ाल होने वाले की तजहिज़ व तकफ़ीन
अगर किसी शख़्स का हालते एहराम में इन्तेक़ाल हो जाए(चाहे उसने हज का एहराम बांधा हो या उमरह का), उस की तजहिज़ व तकफ़ीन साधारण हालात में मरने वाले की तरह की जाएगी यअनी उस को शरीअत के अनुसार ग़ुसल दिया जाऐगा और कफ़न पहनाया जाएगा...
اور پڑھوज़कात की फर्ज़िय्यत
सवाल – ज़कात किस पर फ़र्ज है ...
اور پڑھوवुज़ू की सुन्नतें और आदाब-भाग-८
२२) हर अंग को अच्छी तरह रगड़ना यहां तक के इस बात का यक़ीन हो जाए के पानी हर अंग को पहोंच गया है. २३) तमाम अंग को पै दर पै यानी एक अंग को दूसरे अंग के बाद बगैर किसी ताख़िर के धोना. २४) वुज़ू के दौरान दुन्यवी उमूर के मुतअल्लीक बात चीत न करना...
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