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अज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-५)

मुअज़्ज़िन के फ़ज़ाईल(श्रेष्ठता) सहाबए किराम(रज़ि.) आरज़ू करते थे के वह ख़ुद अज़ान दें और उन के बच्चे भी अज़ान दें. عن علي رضي الله عنه قال: ندمت أن لا أكون طلبت إلى رسول الله صلى الله عليه وسلم فيجعل الحسن والحسين مؤذنين (مجمع الزوائد رقم ۱۸۳٦)[१] हज़रत अली(रज़ि.) ने फ़रमाया …

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नमाज़े जनाज़ा के सहीह होने के लिए मय्यित से मुतअल्लिक़ शरतें

दूसरी क़िसम की शरतें वह हैं जो मय्यित से मुतअल्लिक़ हैं. ऐसी शरतें छ(६) हैं जो निम्नलिखित हैः [1] (१) मय्यित मुसलमान हो. अगर मय्यित काफ़िर या मुरतद हो, तो उस की जनाज़े की नमाज़ अदा नहीं की जाएगी और मुसलमान अगर चे फ़ासिक़ व फ़ाजिर या बिदअती हो, फिर …

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क़र्ज़ माफ़ करने से ज़कात का हुकम

सवाल:– अगर क़र्ज़-ख़्वाह (उधार देने वाला) क़र्ज़-दार (उधार लेने वाले) को क़र्ज़ और दैन (वह उधार जो बेचे गए सामान के बदले हो) माफ़ कर दे और माफ़ करते वक्त उसने ज़कात अदा कर ने की निय्यत की, तो क्या महज़ क़र्ज़ और दैन (वह उधार जो बेचे गए सामान …

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