सवाल – क्या एतेकाफ़ की हालत में जुमआ के दिन सुन्नत ग़ुसल के लिए मुअतकिफ़ मस्जिद से निकल सकता है या नही?
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
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एतेकाफ़ के लिए दैर से पहुंचना
सवाल – मुझे एतेकाफ़ का इरादह था, लेकिन अफ़सोस है के ज़्यादह टराफ़िक होने की वजह से में मस्जिद को समय पर नहीं पहुंच सका, एतेकाफ़ के शुरू समय के बाद में मस्जिद पहुंचा, तो क्या मेरा सुन्नत एतेकाफ़ दुरूस्त है? क्या मेरे ज़िम्मे आइन्दह साल दोबारह एतेकाफ़ करना ज़रूरी …
اور پڑھوएतेकाफ़ की हालत में मोबाईल का इस्तेमाल
सवाल – अगर कोई आदमी एतेकाफ़ के दौरान मस्जिद में किसी अहम काम के लिए मोबाईल फ़ोन इस्तेमाल करे, तो क्या उस के लिए इस तरह करना जाईज़ है और उस के एतेकाफ़ पर कोई अषर नही पड़ेगा ? में जानता हुं के एतेकाफ़ के दौरान मोबाईल फ़ोन के साथ …
اور پڑھوतरावीह की नमाज़ पर मुआवज़ा लेना
सवाल – तरावीह की नमाज़ पर मुआवज़ा लेने का क्या हुक्म है? में यह मसअला उन लोगों को दिखाना चाहता हुं जो मुझे तरावीह की नमाज़ पर मुआवज़ा लेने पर मजबूर करते है. हक़ीक़त यह है के में जिस मुल्क में रिहाईश पज़ीर हुं. वहां तरावीह की नमाज़ की इमामत …
اور پڑھوतरावीह की नमाज़ के लिए जाने से पेहले मस्जिद में इशा की नमाज़ अदा करना
सवाल – रमज़ान के महीने में बहोत से लोग तरावीह की नमाज़ मस्जिद में नही पढ़ते हैं, बल्कि अपने धरों और कारख़ानों में बाजमाअत पढ़ते हैं, चुंके वह उन्हीं जगहों में तरावीह की नमाज़ पढ़ते हैं, तो वह उधर इशा की नमाज़ भी पढ़ते हैं, वह मस्जिद में इशा की …
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