अज़ान दीने इस्लाम का महान और नुमायां शिआर है और बड़ी महत्तवता का दरज्जा रखता है(अहमियत का हामिल)...
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5 days ago
इत्तिबा-ए-सुन्नत का एहतिमाम – ११
हज़रत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहमतुल्लाही ‘अलैह हज़रत हकीमुल-उम्मत मौलाना अशरफ़ ‘अ…
1 week ago
क़यामत के दिन नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैही व-सल्लम के पड़ोसी होने का शर्फ़
“जो शख़्स इरादा कर के मेरी ज़ियारत करे वह क़यामत में मेरे पड़ोस में होगा और जो शख़्स मदीना में क़याम…
2 weeks ago
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ३
(१) बीमार की इयादत करने से पहले वज़ू करना मुस्तहब है। हज़रत अनस रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रिवायत है कि र…
2 weeks ago
रौज़-ए-अक़दस की ज़ियारत की फ़ज़ीलत
जिस ने मेरी वफ़ात के बाद मेरी क़बर की ज़ियारत की, वह उस शख़्स की तरह है जिस ने मेरी ज़िन्दगी में मेर…
2 weeks ago
क़ुरआन मजीद में दुरूद का हुक्म
क़ुरआन मजीद में कुछ ऐसी आयतें हैं, जिनमें अल्लाह तअ़ाला ने अपने बन्दों को कुछ कामों का हुक्म दिया है…
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हज़रत रसूलुल्लाह(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) के बारे में अक़ाइद(मान्यता) का बयान
(१) हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) अंतिम रसूल और ख़ातमुल अंबिया है. आप पर रिसालत तथा नुबुव्वत का सिलसिला मुनक़तिअ (ख़तम) हो चुका है. आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)के बाद...
اور پڑھوअज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-१४)
अज़ान देने का तरीक़ाः
اَللهُ أَكْبَرْ اللهُ أَكْبَرْ
अल्लाह तआला सब से बड़े हैं, अल्लाह तआला सब से बड़े हैं...
اور پڑھوक़ुर्बानी के जानवर के ज़बह के वक़्त ज़बान से निय्यत करना
सवाल – क्या क़ुर्बानी के वक़्त ज़बान से निय्यत करना या कोई दुआ पढ़ना ज़रूरी है?
اور پڑھوक़ुर्बानी के वक़्त हाज़िर रेहना
सवाल – एक शख़्स ने अपनी क़ुर्बानी का जानवर ज़बह करने के लिए किसी को नियुक्त (मुक़र्रर) कर दिया, तो क्या उस के लिए ज़बह करते वक़्त हाज़िर रेहना अफ़ज़ल है?
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