इस ज़माने में दुरूद शरीफ़ और इस्तिग़फ़ार की कषरत रखी जावे और उस की कोशिश की जावे के किसी रफ़ीक़(साथी) को मेरी तरफ़ से तकलीफ़ न पहुंचे और अगर किसी की तरफ़ से हक़ तलफ़ी(किसी को उन के अधिकारो से वंचित करना) और तअद्दी(अन्याय) हो तो उस पर इल्तिफ़ात(ध्यान) न किया जावे...
اور پڑھوहज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु की ज़िंदगी के आख़िरी लम्हात
لما حضرت سيدنا أبا ذر رضي الله عنه الوفاة، بكت زوجته. فقال لها: ما يبكيك؟ فقالت: وما لي لا أبكي وأنت…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائ…
सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ ا…
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात …
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की …
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सुरए द़ुहा की तफ़सीर
इस्लाम के शरूआत में जब के रसूलुल्लाह(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) मक्का मुकर्रमा में थे चन्द दिनों तक अल्लाह तआला की तरफ़ से वही का सिलसिला मौक़ूफ़ हो गया(रूक गया), तो कुछ काफ़िरों ने आप(सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) को यह ताना देना शुरू कर दिया के...
اور پڑھوहर शख़्स को अपनी इस़लाह़ की फ़िकर की ज़रूरत है
हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी(रह.) ने एक मर्तबा फ़रमायाः आजकल यह मर्ज़(रोग) भी आम(सामान्य) हो गया है के अकषर लोग दूसरों के पीछे पड़े हुए हैं अपनी मुत़लक़ फ़िकर नहीं...
اور پڑھوफ़रिश्तों से सम्बंधित अक़ाईद(मान्यता)
(१) फ़रिश्ते अल्लाह तआला के मासूम बंदे हैं और नूर से पैदा किए गए हैं. फ़रिश्ते हमें नज़र नहीं आ सकते हैं और वह न तो मुज़क्कर(मर्द) हैं और न ही मुअन्नष(औरत) हैं. तथा फ़रिश्ते इन्सानी ज़रूरतों(खाना, पीना और सोना वग़ैरह) से पाक हैं...
اور پڑھوमसाईले मुतफ़र्रिक़ा(विविध मसाईल)
जुता, चप्पल पहन कर जनाज़े की नमाज़ अदा करना अगर जनाज़े की नमाज़ जुता/चप्पल पहन कर अदा की जाए, तो इस बात का लिहाज़ रख्खा जाए के जुता/चप्पल और ज़मीन दोनों पाक हों. और अगर कोई जुता निकाल कर उस पर खड़े हो कर नमाज़ अदा करे, तो ज़रूरी है के जुता/चप्पल पाक हो...
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