सवाल – क्या रात में क़ुर्बानी करना जायज़ है?
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21 hours ago
क़ुरआन मजीद में दुरूद का हुक्म
क़ुरआन मजीद में कुछ ऐसी आयतें हैं, जिनमें अल्लाह तअ़ाला ने अपने बन्दों को कुछ कामों का हुक्म दिया है…
4 days ago
सारा दारो-मदार हक़ त’आला के नज़दीक अच्छा होने पर है
हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: आदमी ख़्वाह कितना ही आलि…
4 days ago
सबसे अफ़ज़ल हम्द और दुरूद
“ए अल्लाह ! तेरे ही लिए हम्द है जो तेरी शान के मुनासिब है पस तु मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) पर…
7 days ago
नबियों के नाइब
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इलियास साहब रहमतुल्लाही अलैह ने एक मर्तबा तालिबे-इल्मों से इरशाद फ़रमाया: R…
1 week ago
हज़रत अबू ज़र रज़ियल्लाहु अन्हु की नबी ईसा अलैहिस्सलाम से मुशाबहत
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من أحب أن ينظر إلى المسيح عيسى ابن مريم إلى بره وصدقه وجده (اجتهاد…
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क़ुर्बानी के जानवर में सातवें हिस्से से कम हिस्सा लेना
सवाल – अगर क़ुर्बानी के जानवर के शुरका (भागीदारो) में से किसी शरीक (भागीदार) का हिस्सा सातवें हिस्से से कम हो, तो क्या तमाम शुरका (भागीदारो) की क़ुर्बानी दुरूस्त होगी?
اور پڑھوअज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-१३)
(१) अगर बहोत सी क़ज़ा नमाज़ें एक साथ अदा की जाऐं, तो हर नमाज़ के अलग अलग अज़ान देना जाईज़ है और अगर तमाम क़ज़ा नमाज़ों के लिए एक ही अज़ान दी जाए, तो भी काफ़ी है. यहांतक के हर नमाज़ के लिए इक़ामत अलग होनी चाहिए...
اور پڑھوकिसी की तरफ़ से उस की इजाज़त के बग़ैर वाजिब क़ुर्बानी करना
सवाल – अगर किसी की वाजिब क़ुर्बानी उस की इजाज़त के बग़ैर कर दी जाये, तो क्या उस की वाजिब क़ुर्बानी दुरूस्त होगी?
اور پڑھوबारह (१२) ज़िल हिज्जा को क़ुर्बानी करना
सवाल – क्या बारह (१२) ज़िल हिज्जा को क़ुर्बानी दुरूस्त है?
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