हज़रत सईद बिन-आमिर रह़िमहुल्लाह की सख़ावत हज़रत सईद बिन-आमिर रह़िमहुल्लाह हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु की जानिब से ह़िम्स के हाकिम (गवर्नर) थे। अहले-ह़िम्स ने हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु से इनकी मुतअद्दद शिकायतें कीं और इनके माज़ूल करने की दख़्र्वास्त की। हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हक तआला शानुहू ने फिरासत …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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दूसरे अंबिया अलैहिमुस्सलाम के साथ रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम पर दुरूद भेजना
जब तुम अंबिया (अलै.) पर दुरूद भेजो, तो उन के साथ मुझ पर दुरूद भेजो, क्युंकि में भी रसूलों में से एक रसूल हुं...
اور پڑھوदुरूद-शरीफ न पढ़ना क़ियामत के दिन हसरत और अफ़सोस का सबब
हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़्वाब में ज़ियारत हुई के हुज़ूरे अकद़स (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़िदमत में शिब्ली हाज़िर हुए, हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) खड़े हो गए और उन की पेशानी को बोसा दिया और मेरे इसतिफ़सार (बहोत ज़्यादा पूछने) पर हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के...
اور پڑھوमोहब्बत का बाग (किस्त: ८४)
हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की अज़ीम कुर्बानियां अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम पर अलग-अलग आज़माइश और इम्तिहान डाले और वे हर इम्तिहान और आज़माइश में पूरी तरह फ़रमां-बरदारी दिखाते हुए कामयाब हुए। दर-हकीकत हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की रज़ा के लिए जो अपनी ज़िंदगी में अज़ीम कुर्बानियां दी थीं, …
اور پڑھوमोहब्बत का बाग (किस्त: ८३)
हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम का रास्ता: अक्लमंदी का रास्ता कुरान-मजीद में अल्लाह तआला ने साफ़ तौर पर ऐलान फरमाया है कि जो शख्स हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के रास्ते से मुंह मोड़कर उसे छोड़ दे और किसी और रास्ते पर चले, तो हकीकत में वह बेवकूफ है, जो जहालत के रास्ते पर …
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