सवाल: वित्र की नमाज़ में दुआ-ए-कुनूत के बाद दुरूद-शरीफ़ पढ़ने का क्या हुक्म है? क्या इसे पढ़ना चाहिए या नहीं? कुछ लोग कहते हैं कि यह मुस्तहब है। उनकी दलील क्या है? और क्या आम लोगों को इस की तर्गीब दी जा सकती है या नहीं? जवाब: दुआ-ए-कुनूत के बाद …
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
નવા લેખો
दस नेकियों का हासिल होना
عن أبي هريرة قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي مرة واحدة كتب الله عز وجل له بها عشر حسنات...
اور پڑھوसवाब ठोस भरकर मिलेगा
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من سره أن يكتال بالمكيال الأوفى إذا صلى علينا أهل البيت فليقل اللهم صل على محمد النبي الأمي وأزواجه أمهات المؤمنين وذريته وأهل بيته كما صليت على إبراهيم إنك حميد مجيد أخرجه أبو داود في سننه وعبد بن حميد في مسنده وأبو نعيم عن الطبراني كلهم من طريق نعيم المجمر عنه وكذا هو عندنا في حديث ابن علم الصفار عن أبي بكر بن أبي خيثمة...
اور پڑھوहज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु के दिल में सहाबा-ए-किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम का अज़ीम एहतिराम
ذات مرة، خاطب سيدنا سعيد بن زيد رضي الله عنه الناس فأقسم بالله وقال: والله لمشهد شهده رجل يغبر فيه وجهه مع رسول الله صلى الله عليه وسلم أفضل (عند الله) من عمل أحدكم (من غير الصحابة) ولو عُمِّرَ عمر نوح عليه السلام (وقضى حياته كلها في الأعمال الصالحة) (مسند …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३२
हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम से मुहब्बत करने वाले पर फक्र की दौड़ एक सहाबी हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की खिदमत में हाज़िर हुए और अर्ज़ किया कि या रसूलुल्लाह! मुझे आपसे मुहब्बत है। हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फरमाया, देख क्या कहता है। उन्होंने फिर यही अर्ज़ किया कि मुझे …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી