अगर कोई व्यक्ति आसमानी बिजली के गिरने की वजह से या आग में जल कर मर जाए और उस का शरीर सहीह सालीम हो(अंग बिखरे न हो), तो उस को साधारण तरीक़े के अनुसार ग़ुसल दिया जाएगा...
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائ…
सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ ا…
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात …
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की …
दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُ…
નવા લેખો
दीन के लिए प्रयास करना
हमारे बुज़ुर्गों का एक मक़ोला(बात) है, “जो हमारी इन्तीहा(अंत) को देखे वह नाकाम और जो इब्तिदा(शुरूआत) को देखे वह कामयाब”, इसलिए के इब्तिदाई जिंदगी (प्रारंभिक जीवन) मुजाहदों(कडा संघर्ष) में गुज़रती है और अख़ीर में फ़ुतुहात(सफ़लताओं) के दरवाज़े खुलते हैं...
اور پڑھوअल्लाह तआला की आसमानी किताबों और सहीफ़ों(दिव्य ग्रंथो) से संबंधित अक़ाईद
(१) अल्लाह तबारक व तआला ने इन्सानों की हिदायत के लिए मुख़तलिफ़(जुदा जुदा) अंबियाए किराम(अलै.) पर मुतअद्दद(अलग अलग) किताबें और सहीफ़े(दिव्य ग्रंथ) नाज़िल फ़रमाए. हमें अल्लाह तआला की कुछ आसमानी किताबों और सहीफ़ों से संबंधित क़ुर्आने करीम और अहअदीषे मुबारका में ख़बर दी गई है और कुछ से संबंधित हमें ख़बर नहीं दी गई है...
اور پڑھوअज़ान और इक़ामत की सुन्नतें और आदाब-(भाग-१९)
इक़ामत की सुन्नतें और आदाब (१) इक़ामत के हदर के साथ(जल्दी जल्दी) केहना.[1]
عن جابر رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال لبلال: إذا أذنت فترسل وإذا أقمت فاحدر...
اور پڑھوगली(सडी) हुई लाश जो फटने के क़रीब हो उस की जनाज़े की नमाज़
अगर मय्यित की लाश इस क़दर गल गई हो के उस को हाथ लगाया जाए, तो आशंका है के वह टुकडे टुकडे हो जाऐंगे तो इस स्थिती में ग़ुसल के लिए बस इतना काफ़ी होगा के उस पर पानी बहा दिया जाए...
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી