(२) जनाज़ा को तेज़ी से ले कर चलना मसनून है, लेकिन दोड़ना नहीं चाहिए और न ही इतना ज़्यादह तेज़ चलना चाहिए के मय्यित का जिस्म एक तरफ़ से दूसरी तरफ़ हिलने लगे...
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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मुसीबत की हालत के अहकाम
“अगर मुसीबत हमारे किसी भाई मुसलमान पर नाज़िल हो तो उस को अपने ऊपर नाज़िल समझा जावे उस के लिए वैसी ही तदबीर की जाए जैसा के अगर अपने ऊपर मुसीबत नाज़िल होती तो उस वक़्त ख़ुद करते.”...
اور پڑھوनिकाह की सुन्नतें और आदाब – ४
निकाह की कामयाबी के लिए और मियां बिवी के दरमियान स्नेह व मुहब्बत बाक़ी रेहने के लिए ज़रूरी है के दोनों एक दूसरे के समान और बराबर हो. जब मियां बिवी में जोड़ हो, तो बाहमी स्नेह और एकता होगी और हर एक ख़ुशी और मुहब्बत के साथ अपनी वैवाहिक ज़िम्मेदारीयों को पूरा करेगा...
اور پڑھوमुहब्बत का बग़ीचा (तीसरा प्रकरण)
नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने अपनी वफ़ात से पेहले हज़रत फ़ातिमा (रज़ि.) को ख़ुश ख़बरी दी थी के “तुम जन्नत की सारी औरतों की मलिका (रानी) बनोगी”...
اور پڑھوजनाज़े की नमाज़ में ताख़ीर (देरी)
बड़ी जमाअत की उम्मीद में जनाज़े की नमाज़ में देर करना मकरूह है. इसी तरह अगर किसी का जुम्आ के दिन इन्तिक़ाल हो जाए, तो यह उम्मीद कर के जुम्आ की नमाज़ के बाद ज़्यादह लोग जनाज़े की नमाज़ में शिर्कत करेंगे, जनाज़े की नमाज़ में देर करना मकरूह है...
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