यह बात मशहूर और प्रसिद्ध है के इन्सान के अख़लाक़ो आदात और उस के कार्य, उस की दिल की कैफ़ियात की तरजुमानी करते हैं. अगर किसी का दिल अल्लाह तआला और उस के रसूल (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की महब्बत से लबरेज़ हो...
اور پڑھوगुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की मुशाबहत
سئل سيدنا حذيفة رضي الله عنه عن أقرب الناس سمتا برسول الله صلى الله عليه وسلم، فقال: ” كان أشب…
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की लानत
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: رغم أنف رجل ذكرت عنده فلم يصل علي، …
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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माता-पिता की फ़रमांबरदारी रिज़्क़ में कुशादगी का ज़रिआ
“मईशत और रोज़ी में बढ़ोतरी और बरकत का सबब वालीदैन की आज्ञाकारिता तथा फ़रमांबरदारी है, वालिदैन का आज्ञाकारित रोज़गार की तंगी में मुबतला नहीं होता और जो वालिदैन की नाफ़रमानी करने वाला हो वह एक न एक दिन इस परेशानी में मुबतला हो कर रहता है.”...
اور پڑھوदिल को हर समय पाक रखना
“में तो इस का ख़ास प्रबंध रखता हुं के क़ल्ब (हृदय) फ़ुज़ूलियात (व्यर्थ) से मुक्त रहे क्युंकि फ़क़ीर को तो बरतन ख़ाली रखना चाहिए. न मालूम किस वक़्त किसी सख़ी की नज़र इनायत (कृपा) हो जाए. एसे ही...
اور پڑھوमस्ज़िद की सुन्नतें और आदाब- (भाग-८)
(१) मस्जिद से अपना दिल लगाईए यअनी जब आप एक नमाज़ से फ़ारिग़ हो कर मस्जिद से निकल रहे हों, तो दूसरी नमाज़ के लिए आने की निय्यत किजीए और उस का शिद्दत से इन्तेज़ार किजीए...
اور پڑھوमुहब्बत का बग़ीचा (पांचवा प्रकरण)
“दीने इस्लाम” इन्सान पर अल्लाह तबारक व तआला की तमाम नेअमतों में से सब से बड़ी नेअमत है. दीने इस्लाम की मिषाल उस हरे हरे भेर बाग़ की सी है, जिस में प्रकार प्रकार के फलदार झाड़, खुश्बूदार फूल और उपयोगी पौदे होते हैं. जब इन्सान...
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