22 hours ago
तीन तबक़ों में ख़ुसूसियत से जाना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाहि अ़लैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हमारी तबलीग़ में का…
22 hours ago
हज़रत अब्दुल्लाह बिन-मसऊद रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम का एतेमाद (भरोसा)
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: لو كنت مؤمرا أحدا (على جيش) من غير مشورة (الصحابة، عند صعوبة جمعهم…
2 days ago
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकू़क़
हम अपनी ज़िंदगी में हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के एहसानात का जायज़ा लें, तो हमें माल…
5 days ago
बदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد…
7 days ago
ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – १
मुसीबत-ज़दा लोगों के साथ ताज़ियत इस्लाम एक जामे और मुकम्मल तर्ज़े-ज़िंदगी है। उस में इन्सान की हर ज़…
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क़ुर्बानी के मसाईल – १
मदीना मुनव्वरह की ज़ियारत
हज के पांच दिन – ११, १२, १३ ज़िल-हिज्जा
वफ़ात से पहले हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की आखिरी बातें
لما احتضر سيدنا بلال رضي الله عنه قال: غدا نلقي الأحبة، محمدا وحزبه فقالت له امرأته حزينة: واويلاه! فقال سيدنا بلال رضي الله عنه: وافرحاه! (فقد حان وقت لقاء رسول الله صلى الله عليه وسلم والصحابة رضي الله عنهم) (من سير أعلام النبلاء ٣/٢٢٣) जब हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की …
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