(१) सवाल: अगर मैं हवाई जहाज़ से सफर कर रहा हूं और नमाज़ का वक़्त आ जाए, तो नमाज़ पढ़ने का सही तरीका क्या है और मैं हर नमाज़ के लिये किस वक़्त का एतमाद करुं? जवाब: आप फ़र्ज़ और वित्र की नमाज़ें क़िबला की तरफ रुख करके तमाम रुकन …
اور پڑھوहज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
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मस्जिद के काम
हज़रत मौलाना मुहम्मद इल्यास साहब (रह़िमहुल्लाह) ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: मस्जिदें, मस्जिदे-नबवी (सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम) की बेटियां हैं, इसलिए जो काम हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम) की मस्जिद में होते थे, वो सब काम मस्जिद में होने चाहिए। नमाज़ के अलावा, हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम) की मस्जिद में तालीम और …
اور پڑھوदस दरजों की बुलंदी
عن أنس بن مالك قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي صلاة واحدة صلى الله عليه عشر صلوات وحطت عنه عشر خطيئات ورفعت له عشر درجات...
اور پڑھوहज़रत सईद बिन-ज़ैद रद़ियल्लाहु अन्हु को अपने वालिद की मग्फ़िरत की फिक्र
جاء سيدنا سعيد بن زيد رضي الله عنه مرة إلى النبي صلى الله عليه وسلم فقال: يا رسول الله إن (أبي) زيدا كان كما رأيت أو كما بلغك (أنه كان يعبد الله لا يشرك به شيئا وإن لم يدرك زمن البعثة)، فأستغفر له؟ قال: نعم، فاستغفر له، فإنه يبعث يوم …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – २६
ईसार का अजीब वाकिआ वाक़िदी रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि मेरे दो दोस्त थे, एक हाशमी और एक गैर हाशमी, हम तीनों में ऐसे गहरे ताल्लुक़ात थे कि एक जान, तीन कालिब थे। मेरे ऊपर सख़्त तंगी थी, ईद का दिन आ गया, बीवी ने कहा कि हम तो हर हाल …
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