हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: आदमी ख़्वाह कितना ही आलिम, ज़ाहिद और मुत्तक़ी व परहेज़गार हो लेकिन इस को यह क्या ख़बर कि मैं ख़ुदा के नज़दीक कैसा हूं। इस एह़्तेमाल के होते हुए कोई क्या दावा कर सकता है? क्योंकि सारा दारो-मदार …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
सबसे अफ़ज़ल हम्द और दुरूद
“ए अल्लाह ! तेरे ही लिए हम्द है जो तेरी शान के मुनासिब है पस तु मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) पर दुरूद भेज जो तेरी शान के मुनासिब है और हमारे साथ भी वह मामला कर जो तेरी शायाने शान हो. बेशक तु ही उस का मुस्तहिक़ है के तुझ से ड़रा जाए और मग़फ़िरत करने वाला है.”...
اور پڑھوनबियों के नाइब
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इलियास साहब रहमतुल्लाही अलैह ने एक मर्तबा तालिबे-इल्मों से इरशाद फ़रमाया: “तुम अपनी क़द्र व क़ीमत तो समझो! दुनिया भर के ख़ज़ाने भी तुम्हारी क़ीमत नहीं। अल्लाह तआला के सिवा कोई भी तुम्हारी क़ीमत नहीं लगा सकता। तुम अम्बिया अलैहिमुस्सलाम के नाइबीन (नाइब की जमा) हो, जो …
اور پڑھوचार रकात फ़र्ज़ नमाज़ में क़ादा-ए-अख़ीरा भूल जाना
सवाल: एक आदमी चार रकात फ़र्ज़ नमाज़ पढ़ रहा था। चौथी रकात अदा करने के बाद वह क़ादा-ए-अख़ीरा (दूसरे अत्तहियात) के लिए नहीं बैठा; बल्कि भूल कर पाँचवीं रकात के लिए खड़ा हो गया। फिर उसने पाँचवीं रकात में रुकू और सजदा भी कर लिया, उसके बाद वह तशहुद (अत्तहिय्यात) …
اور پڑھوहज़रत अबू ज़र रज़ियल्लाहु अन्हु की नबी ईसा अलैहिस्सलाम से मुशाबहत
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من أحب أن ينظر إلى المسيح عيسى ابن مريم إلى بره وصدقه وجده (اجتهاده في العبادة) فلينظر إلى أبي ذر (لأنه يملك من الصفات ما يجعله مشابها لسيدنا عيسى عليه السلام) (مجمع الزوائد، الرقم: ١٥٨١٧) रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नें फरमाया: जो आदमी …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી