(१) अगर मय्यित शिशु (दुध पिता बच्चा) हो तथा उस से बड़ा हो, तो उस को क़बरस्तान ले जाने में नअश(मृत देह) (चारपाई) पर उठाया नही जाएगा, बलकि उस को हाथ पर उठा कर ले जाया जाएगा...
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائ…
सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ ا…
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात …
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की …
दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُ…
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मुहब्बत का बग़ीचा (चोथा प्रकरण)
रसूले करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) के मुबारक दौर में जब लोग इस्लाम में दाख़िल होने लगे और भिन्न भिन्न विस्तारों में इस्लाम की इशाअत (फ़ैलने) की ख़बर पहोंचने लगी, तो बनु तमीम के सरदार अकषम बिन सैफ़ी (रह.) के दिल में इस्लाम के बारे में जानने का शौक़ पैदा हुवा...
اور پڑھوसुरए अलक़ की तफ़सीर
(ए पयगंबर) आप (क़ुर्आन) अपने रब का नाम ले कर पढ़ा किजीए, जिस ने पैदा किया (१) जिस ने इन्सान को ख़ुन के लोठड़े से पैदा किया (२) आप क़ुर्आन पढ़ा किजीए और आप का रब बड़ा करीम है...
اور پڑھوदीन की तब्लीग़ में मेहनत
सय्यिदिना रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) इस्लाम की शुरुआत के ज़माने में (जब दीन कमजोर था और दुनिया मज़बूत थी) बे तलब (जिन में शौक़ नही उन) लोगों के घर जा जा कर उन की सभा में बिला तलब (बिन बुलाये) पहुंच कर दावत देते थे, तलब के प्रतिक्षा नही करते थे. कुछ स्थानों पर...
اور پڑھوमस्ज़िद की सुन्नतें और आदाब- (भाग-६)
(२) मस्जिद में किसी आदमी को उस की जगह से उठान ताकि उस की जगह दूसरा आदमी बेठे, जाईज़ नहीं है...
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