(१) मस्जिद से अपना दिल लगाईए यअनी जब आप एक नमाज़ से फ़ारिग़ हो कर मस्जिद से निकल रहे हों, तो दूसरी नमाज़ के लिए आने की निय्यत किजीए और उस का शिद्दत से इन्तेज़ार किजीए...
اور پڑھوवफ़ात से पहले हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की आखिरी बातें
لما احتضر سيدنا بلال رضي الله عنه قال: غدا نلقي الأحبة، محمدا وحزبه فقالت له امرأته حزينة: واويلاه! …
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) का विशेष दुरूद
अबु बकर बिन मुजाहिद अल मुक़री नव मौलूद के वालिद के साथ उठे. वज़ीर के दरवाज़े पर पहोंचे. अबु बकर ने व…
ग़फ़लत की जगहों में दुरूद शरीफ़ पढ़ना
“ए मेरे भतीजे ! मेरी किताब “अश शिफ़ा बितअरीफ़ि हुक़ूक़िल मुस्तफ़ा” को मज़बूती से पकड़ लो और उस को अल…
अज़ान के बाद दुरूद शरीफ पढ़ना
ए अल्लाह ! मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) को “वसीला”(पूरी उम्मत के लिए सिफ़ारिश का हक़) अता फ़रमा…
दुरूद शरीफ़ पढ़ने की बरकत से अस्सी साल के गुनाहों की माफ़ी और पुल सिरात पर रोशनी
हज़रत अबु हुरैरह (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के मु…
નવા લેખો
मुहब्बत का बग़ीचा (पांचवा प्रकरण)
“दीने इस्लाम” इन्सान पर अल्लाह तबारक व तआला की तमाम नेअमतों में से सब से बड़ी नेअमत है. दीने इस्लाम की मिषाल उस हरे हरे भेर बाग़ की सी है, जिस में प्रकार प्रकार के फलदार झाड़, खुश्बूदार फूल और उपयोगी पौदे होते हैं. जब इन्सान...
اور پڑھوसच्ची खुशी और उस की संपन्नता का रहस्य
“जिवन के लुत्फ़(मज़ा) का मदार माल पर नही बलकि तबीअत की प्रसन्नता और रूह पर है और रूहानी प्रसन्नता का मदार दीन और तअल्लुक़ मअल्लाह (अल्लाह तआला के साथ के तअल्लुक़) पर है. पस दीन के साथ दुनिया चाहे कम है मगर लुत्फ़ से भरी हुई होती है और बग़ैर दीन के ख़ुद दुनिया बे लुत्फ़(मज़ा) है.”...
اور پڑھوतदफ़ीन से संबंधित मसाईल
(४) औरत के लिए जनाज़े के साथ क़बरस्तान जाना और तदफ़ीन में शिरकत करना ना जाईज़ है...
اور پڑھوशादी की मुरव्वजह दअवतें
शेख़ुल हदीष हज़रत मौलाना मुहम्मद ज़करिय्या साहब (रह.) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः “मुझे इन शादियों की दअवत से हंमेशा नफ़रत रही (चुंके सुन्नत तरीक़ा यह है के शादी में सादगी होनी चाहिए). मेरे यहां देखने वालों को सब ही को मालूम है के मेहमानों की भीड़ बाज़ अवक़ात दो …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી