નવા લેખો

हदिया देना सुन्नत है

p style="text-align: center;">“एक मौलवी साहब के सुवाल के जवाब में फ़रमाया के हदिया देना सुन्नत है जब सुन्नत है तो उस में बरकत कैसे न होगी न होने के क्या मअना۔۔۔

اور پڑھو

निकाह की सुन्नतें और आदाब – ३

हज़रत अब्दुल्लाह बिन अम्र (रज़ि.) फ़रमाते हैं के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के दुनिया मालो मताअ और लज़्ज़त के योग्य चीज़ों से भरी हुई है और इन तमाम चीज़ों में सब से बेहतरीन दौलत “नेक बीवी” है...

اور پڑھو

इमाम का चार तकबीरों से अधिक तकबीर केहना

अगर इमाम जनाज़े की नमाज़ में चार से अधिक तकबीर कहें, तो मुक़तदीयों को अधिक तकबीर में उन की इक़्तिदा(अनूसरता) नहीं करनी चाहिए,  बलकि उन को ख़ामोश रेहना चाहिए और जब इमाम फेर कर नमाज़ संपूर्ण करे तो वह भी सलाम फेर कर नमाज़ संपूर्ण करेंगे. अलबत्ता अगर मुक़तदीयों को …

اور پڑھو

क़यामत के दिन हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम से मुसाफ़हा

नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का इरशाद है के “जो मुझ पर हर दिन पचास बार दुरूद भेजता है, में उस से क़यामत के दिन मुसाफ़हा करूंगा.”...

اور پڑھو