ग़ुसल करने का मस्नून तरीक़ा (१) सर पर तीन मर्तबा पानी ड़ालना. [१] عن عائشة قالت كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا أراد أن يغتسل من الجنابة بدأ فغسل يديه قبل أن يدخلهما الإناء ثم غسل فرجه ويتوضأ وضوءه للصلاة ثم يشرب شعره الماء ثم يحثي على رأسه …
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता
عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائ…
सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ ا…
मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात …
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की …
दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُ…
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राहत पहोंचाना फ़र्ज़ है
हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी (रह.) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः “में ने तो हंमेशा इस का ख़्याल रखा के हुदूदे शरअ से तजावुज़ न हो. इस लिए में ने अपने बुज़र्गो की जुतियां उठाने की ख़िदमत नहीं की. महज़ इस ख़्याल से के वह पसंद न करते थे कहीं …
اور پڑھوग़ुसल की सुन्नतें और आदाब-२
ग़ुसल करने का मस्नून तरीक़ा (१) ग़ुसल के शुरू में दोनों हाथों को गट्टों समेत धोना. [१] عن عائشة زوج النبي صلى الله عليه وسلم أن النبي صلى الله عليه وسلم كان إذا اغتسل من الجنابة بدأ فغسل يديه (صحيح البخاري، الرقم: ۲٤۸) नबी (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ज़वजा उम्मुल …
اور پڑھوमोहब्बत का बग़ीचा (आठवां प्रकरण)
بسم الله الرحمن الرحيم जन्नत की कुंजी इस्लाम ही वह वाहिद मज़हब है जो अल्लाह तआला से मुहब्बत का रास्ता सिखाता है और जन्नत तक ले जाता है. इस्लामी तालीमात पर अमल करने से बंदे को अल्लाह तआला की ख़ुश्नुदी और दुनिया और आख़िरत में कामयाबी मिलती है. इस्लाम के …
اور پڑھوग़ुसल की सुन्नतें और आदाब-१
ग़ुसल करने का मस्नून तरीक़ा (१) ग़ुसल के दौरान क़िब्ला का इस्तेक़बाल न करना(क़िब्ले की तरफ़ मुंन न करना).[1] (२) ऐसी जगह ग़ुसल करना, जहां किसी की नज़र न पड़े. बेहतर यह है के ग़ुसल के समय सतर के हिस्से को ढ़ांप लिया जाए. अलबत्ता अगर कोई एसी जगह ग़ुसल …
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