قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣﴾ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ﴿٤﴾ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿٥﴾ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम! लोगों से) कह दीजिए कि मैं पनाह मांगता हूं सुबह के रब की (१) हर चीज़ के शर से जो उसने बनाई (२) और अंधेरी …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मोहब्बत
عن سيدنا أبي الدرداء رضي الله عنه أنه قال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم ليدني أبا ذر إذا حضر، ويفتقده إذا غاب (مسند الشاميين، الرقم: ١٤٦٤) हज़रत अबू-दर्दा रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने फ़रमाया: “जब हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु हाज़िर होते थे, तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम उन्हें अपने क़रीब …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – ३०
अब्दुल हमीद बिन-सा’द की सखावत एक मर्तबा मिसर में कहत पड़ा। अब्दुल हमीद बिन-सा’द मिस्र के हाकिम थे, कहने लगे: मैं शैतान को बताऊँगा कि मैं उसका दुश्मन हूँ (वह ऐसे वक़्त में बहुत एहतियात से ख़र्च करने की तर्गीब देता है।)मिस्र में जितने फुकरा नादार थे, सबका खाना मेरे …
اور پڑھوइत्तिबा-ए-सुन्नत का एहतिमाम – ११
हज़रत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहमतुल्लाही ‘अलैह हज़रत हकीमुल-उम्मत मौलाना अशरफ़ ‘अली थानवी रहमतुल्लाही ‘अलैह हाल के ज़माने के एक बहुत बड़े आलिमे-दीन और बुज़ुर्ग थे। हज़रत रह़्मतुल्लाही ‘अलैह सन १२८० हिजरी में थाना भवन में पैदा हुए और १६ रजब १३६२ हिजरी (मुताबिक २० जुलाई १९४३) को ८३ साल …
اور پڑھوफ़ज्र की सुन्नतों की क़ज़ा
सवाल: अगर मेरी फ़ज्र की नमाज़ क़ज़ा हो जाए और मैं सोकर उठने के बाद उसे ज़ुहर से पहले (यानी ज़वाल से पहले) पढ़ूँ, तो क्या मैं पहले फ़ज्र की दो रकात सुन्नत पढ़ूँ और फिर फ़र्ज़, या सिर्फ़ फ़र्ज़ पढ़ूँ? जवाब: अगर कोई आदमी उसी दिन की फ़ज्र की …
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