जो लोग एहले किताब और मुशरिकों में से काफ़िर थे वह बाज़ आने वाले न थे, जब तक के उन के पास एक वाज़िह दलील (स्पष्ट तर्क) न आती (१) (यअनी) अल्लाह का एक रसूल, जो पाक सहीफ़े पढ़ कर सुनाए (२) जिन में दुरूस्त मज़ामीन लिखे हों (३) और जो लोग एहले किताब थे वह इस वाज़िह दलील (स्पष्ट तर्क) के आने के बाद ही मुख़तलिफ़ हुए (४)...
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7 days ago
मुलाक़ात के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत अनस (रज़ि.) से रिवायत है के नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “दो एसे मु…
7 days ago
मस्जिद में दाख़िल होने और मस्जिद से निकलने के समय दुरूद शरीफ़ पढ़ना
عن فاطمة رضي الله عنها قالت: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا دخل المسجد صلى على محمد وسلم وقال …
7 days ago
फ़ज़र की नमाज़ और मग़रिब की बाद सो (१००) बार दुरूद शरीफ़
तो हज़रत उम्मे सुलैम (रज़ि.) ने एक शीशी ली और उस में आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक पसीना जम…
2 weeks ago
नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के चार मुअज़्ज़िन
حظي أربعة من الصحابة رضي الله عنهم بشرف كونهم مؤذني رسول الله صلى الله عليه وسلم. اثنان عينهما رسول …
2 weeks ago
हज़रत जिब्रील ‘अलैहिस्सलाम और रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम की बद-दुआ
जो बुलंद आवाज़ से दुरूद शरीफ़ पढ़ेगा, उस को जन्नत मिलेगी, तो में ने और मजलिस के दीगर लोगों ने भी बुल…
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सुलहा की सूरत इख़्तियार करने में भी फ़ाईदा है
तो दोस्तो ! सूरत बना लो, अल्लाह तआला हिफ़ाज़त भी करेगा और तरक़्क़ी भी मिलेगी. बेटिकट अन्दर भी चले गए, सब ही कुछ हुवा...
اور پڑھوसदक़ए फ़ित्र में गेहुं और जौ की क़ीमत अदा करना
सवाल – क्या सदक़ए फ़ित्र की अदायगी के लिए गेहुं और जौ ही देना ज़रूरी है या इन दोनों की क़ीमत देना भी जाईज़ है?
اور پڑھوकई लोगों के सदक़ए फ़ित्र की रक़म एक शख़्स को देना
सवाल – क्या चंद लोगों के लिए जाईज़ है के वह अपने सकद़ए फ़ित्र की रक़म एक ग़रीब शख़्स को दे?
اور پڑھوसदक़ए फ़ित्र की रक़म कई ग़रीबों में वितरण करना
सवाल – क्या एक शख़्स के लिए जाईज़ है के वह अपने सदक़ए फ़ित्र की रक़म दो या दो से ज़्यादह ग़रीबों में तक़सीम करे?
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