عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائق، فهو قائم على قبري إذا مت، فليس أحد يصلي علي صلاة إلا قال : يا محمد صلى عليك فلان ابن فلان...
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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सबसे बेहतरीन दुरूद
हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ الله وَمَلئِٰكَتَهُ يُصَلُّوْنَ عَلٰى النِّبِيِّ يٰأَيُّهَا الَّذِيْنَ آمَنُوْا صَلُّوْا عَلَيْهِ وَسَلِّمُوْا تَسْلِيْمًا बेशक अल्लाह और उन के फ़रिश्ते नबी (सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम) पर दुरूद भेजते हैं (यानी अल्लाह तआला नबी सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम पर …
اور پڑھوवुज़ू में आँखों के किनारों से मैल को दूर करना
सवाल: मैंने सुबह वुज़ू किया और फ़ज्र की नमाज़ अदा की। उसके बाद मैंने देखा कि मेरी आँखों के किनारों में कुछ मैल हैं। क्या इसकी वजह से मेरा वुज़ू सही नहीं हुआ और मेरी नमाज़ दुरुस्त नहीं हुई? जवाब: अगर मैल आँख के अन्दर था और उसने पानी को …
اور پڑھوमरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ४
मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात नहीं, (यह बीमारी) पाक-साफ करने वाली है, इन्शाअल्लाह।” (सहीह बुख़ारी) (अर्थात तुम्हें बिल्कुल भी चिंता करने या डरने की आवश्यकता नहीं है। तुम्हें शुद्ध किया जा रहा है। आध्यात्मिक रूप से …
اور پڑھوहज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत
जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की ख़बर मिली, तो वे बहुत रोए और फ़रमाया: أخي وخليلي، عاش وحده (في الربذة)، ومات وحده، ويبعث وحده (من الربذة)، طوبى له (البشارة بالجنة). (الاستيعاب ١/٢٥٣) “वे (यानी हज़रत अबू-ज़र) मेरे भाई और मेरे क़रीबी दोस्त …
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