(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन के साथ हमदर्दी और भलाई वाला सुलूक किया जाए। इस का तरीक़ा यह है कि मय्यित के घर वालों की मौजूदगी में मय्यित के लिए दुआ की जाए। …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي يروي غُلّة الناس). فالإخاذ يروي الرجل، والإخاذ يروي الرجلين، والإخاذ يروي العشرة، والإخاذ يروي المائة، والإخاذ لو نزل به أهل الأرض لأصدرهم، فوجدت عبد الله بن مسعود من ذلك الإخاذ (أي: يروي علمُه …
اور پڑھوवूज़ू के दौरान वूज़ू टूटने का मसला
सवाल: वूज़ू के दौरान अगर किसी का वूज़ू टूट जाए हवा ख़ारिज होने या क़य करने से, तो क्या उस पर दोबारा वूज़ू शुरू करना ज़रूरी होगा या जिस उज़्व को वह धो रहा था, वहाँ से वह वूज़ू को पूरा करे? जवाब: उस पर दोबारा वूज़ू शुरू करना ज़रूरी …
اور پڑھوदुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى علي مئة صلى الله عليه ألفا ومن زاد صبابة وشوقا كنت له شفيعا وشهيدا يوم القيامة أخرجه أبو موسى المديني بسند قال الشيخ مغلطاي لا بأس به ...
اور پڑھوरसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़त (इताअ़त = हुक्म को खुशी-खुशी बजा लाना।) एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम मिंबर पर तशरीफ़ ले गए और सह़ाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अ़न्हुम को बैठने का हुक्म दिया। जो सह़ाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अ़न्हुम मस्जिद में मौजूद थे, वे फ़ौरन …
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