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तीन तबक़ों में ख़ुसूसियत से जाना

हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाहि अ़लैह ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमाया: हमारी तबलीग़ में काम करने वालों को तीन तबक़ों में तीन ही मक़ासिद के लिए ख़ुसूसियत से जाना चाहिए: १. उ़लमा और सुलहा (अल्लाह के नेक बंदों) की ख़िदमत में दीन सीखने और दीन के अच्छे असरात लेने …

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हज़रत अब्दुल्लाह बिन-मसऊद रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर रसूले-करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व-सल्लम का एतेमाद (भरोसा)

قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: لو كنت مؤمرا أحدا (على جيش) من غير مشورة (الصحابة، عند صعوبة جمعهم للمشاورة) لأمرت عليهم ابن أم عبد (عبد الله بن مسعود رضي الله عنه وذلك لأن رسول الله صلى الله عليه وسلم كان على ثقة تامّة بكفاءة سيدنا عبد الله بن …

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फज़ाइले-सदकात – ३२

1. हज़रत आमश सुलैमांन बिन महरान रहिमहुल्लाह मशहूर मुहद्दिस हैं, फ़रमाते हैं कि मेरे पास एक बकरी थी, वह बीमार हो गयी। हज़रत खैसमा बिन अब्दुर्रहमान रहिमहुल्लाह रोज़ाना सुबह को और शाम को दो वक़्त उस बकरी की इयादत करने मेरे पास तशरीफ लाते, बकरी का हाल पूछते और यह …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकू़क़

हम अपनी ज़िंदगी में हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के एहसानात का जायज़ा लें, तो हमें मालूम होगा कि आपके एहसानात हमारे ऊपर इस क़दर ज़ियादा हैं कि हम पर वाजिब है कि हम आपका शुक्रिया अदा करें। हक़ीक़त यह है कि हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम का मक़ाम व …

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मुसलमान ख़वातीन (वुमन) का यूट्यूब पर क़ुरआन व हदीस बयान करना

सवाल: कुछ मुसलमान औरतें यूट्यूब की वीडियोज़ में क़ुरआन और हदीस की बातें बयान करती हैं। इस बारे में आपकी क्या राय है? जवाब: यह जायज़ नहीं है। शरीअ़त में हर क़िस्म की फ़ोटोग्राफ़ी और तस्वीर-कशी की मज़म्मत (निंदा/बुराई) की गई है। अहादीसे-मुबारका में इस गुनाहे-कबीरा (बड़े गुनाह) को करने …

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