Monthly Archives: September 2026

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता

عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: إن الله وكل بقبري ملكا أعطاه الله أسماء الخلائق فلا يصلي علي أحد إلى يوم القيامة إلا أبلغني باسمه واسم أبيه هذا فلان بن فلان قد صلى عليك (رواه البزار كما في الترغيب والترهيب، الرقم: …

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फज़ाइले-आमाल – ३९

हज़रत अली बिन माबद रह का किराये के मकान से तहरीर को ख़ुश्क करना अली बिन माबद रह० एक मुहद्दिस हैं, फर्माते हैं, मैं एक किराये के मकान में रहता था। एक मर्तबा मैंने कुछ लिखा और उसको खुश्क करने के लिए मिट्टी की _ ज़रूरत हुई कच्ची दीवार थी। …

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सूरह-नास की तफ़सीर

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ‎﴿١﴾‏ مَلِكِ النَّاسِ ‎﴿٢﴾‏ إِلَٰهِ النَّاسِ ‎﴿٣﴾‏ مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ‎﴿٤﴾‏ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ ‎﴿٥﴾‏ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ ‎﴿٦﴾‏ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम लोगों से) कह दीजिए कि मैं पनाह मांगता हूं लोगो के रब की (१) लोगो के बादशाह की (२) लोगो के मा’बूद (खुदा) की (३) उस वसवसा डालने वाले …

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नफ़्ल नमाज़ तोड़ने की क़ज़ा

सवाल: मैंने तहिय्यतुल-मस्जिद की दो रकात नफ़्ल नमाज़ शुरू की और उसी दौरान फ़र्ज़ नमाज़ शुरू हो गई। मैंने फ़ौरन अपनी दो रकात नफ़्ल नमाज़ से निकलने के लिए सलाम फेर दिया। क्या मेरे ऊपर वाजिब है कि मैं उन दो रकात की क़ज़ा करूँ, जिनको मैंने शुरू करके तोड़ …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम का सहाबा-ए-किराम को हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु से क़ुरआन मजीद सीखने का हुक्म

خاطب رسول الله صلى الله عليه وسلم الصحابة رضي الله عنهم فقال: خذوا القرآن من أربعة من عبد الله بن مسعود – فبدأ به -، وسالم مولى أبي حذيفة، ومعاذ بن جبل، وأبي بن كعب رضي الله عنهم (صحيح البخاري، الرقم: ٣٨٠٨) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने सहाबा-ए-किराम रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हुम …

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