Monthly Archives: August 2026

हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु की ज़िंदगी के आख़िरी लम्हात

لما حضرت سيدنا أبا ذر رضي الله عنه الوفاة، بكت زوجته. فقال لها: ما يبكيك؟ فقالت: وما لي لا أبكي وأنت تموت بفلاة من الأرض قال سيدنا أبو ذر رضي الله عنه: فأبشري ولا تبكي، فإني سمعت رسول الله صلى الله عليه وسلم، يقول: لا يموت بين امرأين مسلمين ولدان …

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फज़ाइले-सदकात – ३१

अबू मर्सद की सखावत अबू मर्सद रह० एक मशहूर सखी हैं, उनके पास एक शख़्स आया और कुछ अश्आर उनकी तारीफ में पढ़े (करीम की मदह हमेशा सूरते सवाल होती ही है) उन्हों ने फरमाया कि मेरे पास इस वक़्त तेरे देने के लिए बिल्कुल कुछ नहीं है। एक सूरत …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम को दुरूद पहोंचाने वाला फ़रिश्ता

عن عمار بن ياسر رضي الله عنه قال : قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : إن لله ملكا أعطاه أسماع الخلائق، فهو قائم على قبري إذا مت، فليس أحد يصلي علي صلاة إلا قال : يا محمد صلى عليك فلان ابن فلان...

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सबसे बेहतरीन दुरूद

हज़रत कअब बिन ‘उजरा रद़िय अल्लाहु अन्हू फ़रमाते हैं कि जब निम्नलिखित आयते-शरीफ़ा नाज़िल हुईः إِنَّ الله وَمَلئِٰكَتَهُ يُصَلُّوْنَ عَلٰى النِّبِيِّ يٰأَيُّهَا الَّذِيْنَ آمَنُوْا صَلُّوْا عَلَيْهِ وَسَلِّمُوْا تَسْلِيْمًا बेशक अल्लाह और उन के फ़रिश्ते नबी (सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम) पर दुरूद भेजते हैं (यानी अल्लाह तआला नबी सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम पर …

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वुज़ू में आँखों के किनारों से मैल को दूर करना

सवाल: मैंने सुबह वुज़ू किया और फ़ज्र की नमाज़ अदा की। उसके बाद मैंने देखा कि मेरी आँखों के किनारों में कुछ मैल हैं। क्या इसकी वजह से मेरा वुज़ू सही नहीं हुआ और मेरी नमाज़ दुरुस्त नहीं हुई? जवाब: अगर मैल आँख के अन्दर था और उसने पानी को …

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मरीज़ की इयादत की सुन्नतें और आदाब – ​​४

मरीज़ की इयादत के वक़्त की दुआएं पेहली दुआः لَا بَأْسَ طَهُوْرٌ إِنْ شَاءَ اللهُ “घबराने की कोई बात नहीं, (यह बीमारी) पाक-साफ करने वाली है, इन्शाअल्लाह।” (सहीह बुख़ारी) (अर्थात तुम्हें बिल्कुल भी चिंता करने या डरने की आवश्यकता नहीं है। तुम्हें शुद्ध किया जा रहा है। आध्यात्मिक रूप से …

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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से मोहब्बत

जब हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इंतक़ाल की ख़बर मिली, तो वे बहुत रोए और फ़रमाया: أخي وخليلي، عاش وحده (في الربذة)، ومات وحده، ويبعث وحده (من الربذة)، طوبى له (البشارة بالجنة). (الاستيعاب ١/٢٥٣) “वे (यानी हज़रत अबू-ज़र) मेरे भाई और मेरे क़रीबी दोस्त …

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फज़ाइले-आमाल – ३८

हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु की सदक़ा के दूध से क़ै हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने एक मर्तबा दूध नोश फ़र्माया कि उस का मज़ा कुछ अजीब सा, नया सा मालूम हुआ। जिन साहब ने पिलाया था, उन से दरियाफ़्त फ़र्माया कि यह दूध कैसा है? कहां से आया है? उन्होंने …

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दीन की ख़ातिर अल्लाह तआला का दिया हुआ तोहफा इस्तेमाल करना

हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: وَمِمَّا رَزَقْنَاهُمْ يُنفِقُونَ (जो कुछ हम ने इन को दिया है, इस में से ख़र्च करते हैं) को सिर्फ़ माल व दौलत से मख़्सूस करने की कोई वजह नहीं; बल्कि अल्लाह त’आला ने ज़ाहिर व बातिन की जो …

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सूरह-नास की तफ़सीर

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ ‎﴿١﴾‏ مَلِكِ النَّاسِ ‎﴿٢﴾‏ إِلَٰهِ النَّاسِ ‎﴿٣﴾‏ مِن شَرِّ الْوَسْوَاسِ الْخَنَّاسِ ‎﴿٤﴾‏ الَّذِي يُوَسْوِسُ فِي صُدُورِ النَّاسِ ‎﴿٥﴾‏ مِنَ الْجِنَّةِ وَالنَّاسِ ‎﴿٦﴾‏ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम लोगों से) कह दीजिए कि मैं पनाह मांगता हूं लोगो के रब की (१) लोगो के बादशाह की (२) लोगो के मा’बूद (खुदा) की (३) उस वसवसा डालने वाले …

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