आमदनी के लिहाज़ से ख़र्च करना December 6, 2021 मलफ़ूज़ात 0 जितनी चादर हो उतना ही पांव फैलाना चाहिए, पेहले देख लो के हमारे पास कितना है और किस क़दर गुंजाईश है उसी के अंदर ख़र्च करो, तो फिर इन्शा अल्लाह माली परेशानी न उठानी पड़ेगी... اور پڑھو