सवाल – अगर किसी ने ज़बान से रोज़े की निय्यत नहीं की, तो क्या उस का रोज़ा दुरूस्त होगा? स्पष्ट रहे के उस को ज़हनी तौर पर मालूम है के वह रमज़ान का रोज़ा रख रहा है.
اور پڑھوफ़जर से पेहले जनाबत का ग़ुसल न करने की सूरत में रोज़े का हुकम
सवाल – अगर किसी ने रमज़ान के महीने में एक दिन फ़जर की नमाज़ से पेहले जनाबत का ग़ुसल नहीं किया, बलके उस ग़ुसल को मुअ की नमाज़ से पेहले ग़ुसल जनाबत का ग़ुसल किया, तो क्या उस का रोज़ा दुरूस्त होगा?
اور پڑھوरोज़े की हालत में दांतो का इलाज
सवाल – में दांत का डाकटर हुं. एक मरीज़ को तुरंत इलाज की ज़रूरत है. उदाहरण के तौर पर उस के दांतों के दरमियान ज़ख़म है और उस में पीप भर गई है. अब उस को फ़ौरी तौर पर साफ़ करना है. तो (१) क्या रोज़े की हालत में उस …
اور پڑھوरोज़े की हालत में इन्सुलिन लेना
सवाल – क्या डायाबिटीस (DIABETIC) के मरीज़ के लिए रोज़े की हालत में इन्सुलिन लेना जाईज़ है? और क्या उस से रोज़ा फ़ासिद हो जाएगा?
اور پڑھوरोज़े की हालत मे माहिर स्त्री रोग चिकित्सक के पास जांच के लिए जाना
सवाल – क्या रोज़े की हालत में औरतों के लिए स्त्री रोग चिकित्सक के माहिर डाकटर के पास जाने का क्या शरई हुक्म है? क्या अगर डाकटर औरत की शरमगाह (योनी) के अंदर दवा दाख़िल करे, तो रोज़ा टूट जाएगा?
اور پڑھوरोज़े की हालत में खुली आग पर पकाना
सवाल – रोज़े की हालत में खुली आग पर पकाने वाले के लिए शरीअत का क्या हुक्म है? अगर बग़ैर क़स्दो इरादे के नाक में धुवां दाख़िल हो जाए, तो क्या रोज़ा फ़ासिद हो जाएगा?
اور پڑھوरोज़े की हालत में लौबान या दूसरी ख़ुश्बुदार चीज़ जलाना
सवाल – क्या रोज़ेदार रोज़े के दौरान मस्जिद को सुगंधित करने के लिए लौबान या दूसरी ख़ुश्बुदार चीज़ जला सकता है?
اور پڑھوरोज़े की हालत में हस्तमैथुन
सवाल – अगर कोई व्यक्ति रोज़े की हालत में हस्तमैथुन करे, तो क्या उस का रोज़ा टूट जाएगा ? अगर रोज़ा टूट जाएगा, तो क्या उस पर क़ज़ा और कफ़्फ़ारा दोनों लाज़िम होंगे या मात्र क़ज़ा लाज़िम होगी?
اور پڑھوरोज़े की हालत में फ़ोहश तस्वीर या वीडियो देखने या मात्र तसव्वुर की वजह से स्खलन(इन्ज़ाल)
सवाल – अगर कोई व्यक्ति रोज़े की हालत में फ़ोहश तस्वीर या वीडियो देखने या मात्र तसव्वुर की वजह से स्खलन(इन्ज़ाल) हो जाए, तो क्या उस का रोज़ा फ़ासिद हो जाएगा?
اور پڑھوहाईज़ा औरत का रमज़ानुल मुबारक में खुल्लम खुला खाना पीना
सवाल – बाज़ उलमा की राए यह है के हाईज़ा औरत के लिए रमज़ानुल मुबारक के दिनो में खाना पीना जाईज़ है जब के कुछ उलमा की राए यह है के उस को इफ़तार तक खाने पीने से गुरैज़ करना चाहिए. बराए महरबानी वज़ाहत फ़रमाऐं.
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