दुरूद शरीफ

दूसरे अंबिया अलैहिमुस्सलाम के साथ रसूले करीम सल्लल्लाहु अलयहि ‎व-सल्लम पर दुरूद भेजना

जब तुम अंबिया (अलै.) पर दुरूद भेजो, तो उन के साथ मुझ पर दुरूद भेजो, क्युंकि में भी रसूलों में से एक रसूल हुं...

اور پڑھو

दुरूद न पढ़ना क़यामत के दिन हसरत तथा अफ़सोस का सबब

हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़्वाब में ज़ियारत हुई के हुज़ूरे अकद़स (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़िदमत में शिब्ली हाज़िर हुए, हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) खड़े हो गए और उन की पेशानी को बोसा दिया और मेरे इसतिफ़सार (बहोत ज़्यादा पूछने) पर हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के...

اور پڑھو

क़यामत के दिन हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम से मुसाफ़हा

नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का इरशाद है के “जो मुझ पर हर दिन पचास बार दुरूद भेजता है, में उस से क़यामत के दिन मुसाफ़हा करूंगा.”...

اور پڑھو

दस गुना षवाब

عَنْ أَبِي طَلْحَةَ رَضِيَ اللهُ عَنه أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَاءَ ذَاتَ يَوْمٍ وَالْبِشْرُ يُرَى فِي وَجْهِهِ فَقَالَ إِنَّهُ جَاءَنِي جِبْرِيلُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَمَا يُرْضِيكَ يَا مُحَمَّدُ أَنْ لَا يُصَلِّيَ عَلَيْكَ أَحَدٌ مِنْ أُمَّتِكَ إِلَّا صَلَّيْتُ عَلَيْهِ عَشْرًا وَلَا يُسَلِّمَ عَلَيْكَ أَحَدٌ مِنْ أُمَّتِكَ إِلَّا سَلَّمْتُ عَلَيْهِ عَشْرًا (النسائى رقم ۱۲۸۳..

اور پڑھو