फज़ाइल आमाल

फज़ाइले-आमाल – २६

हज़रत अबूहुरैरह रज़ि० की भूख में हालत हजरत अबूहरैरह रजि० एक मर्तबा कत्तान के कपड़े में नाक साफ़ करके फ़रमाने लगे: क्या कहने अबूहुरैरह के, आज कत्तान के कपड़ में नाक साफ़ करता है, हालांकि मुझे वह जमाना भी याद है जब हुजूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम के मिम्बर और …

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फज़ाइले-आमाल – २५

हज़रत उमर रज़ि० के वुस्अत तलब करने पर तंबीह और हुज़ूर (सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम) के गुज़र की हालत बीवियों की बाज़ ज़्यादतियों पर एक मर्तबा हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने क़सम खा ली थी कि एक महीने तक उनके पास न जाऊंगा, ताकि उनको तंबीह हो और अलाहिदा ऊपर एक …

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फज़ाइले-आमाल – २४

तीसरा बाब सहाबा किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम अज्मईन के ज़ुह्द्द और फ़क़र के बयान में इस बारे में खुद नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अपना मामूल और वाक़िआत, जो इस अम्र पर दलालत करते हैं कि यह चीज हुज़र सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की खुद इख्तियार फ़रमायी हुई और पसन्द की हुई …

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फज़ाइले-आमाल – २०

सहाबा रद़ियल्लाहु अन्हुम के हंसने पर हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की तंबीह और क़ब्र की याद नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम एक मर्तबा नमाज़ के लिए तशरीफ़ लाए, तो एक जमाअत को देखा कि वह खिलखिला कर हंस रही थी और हंसी की वजह से दांत खिल रहे थे। हुजूर सल्लल्लाहु …

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फज़ाइले-आमाल – १९

तबूक के सफ़र में क़ौमें समूद की बस्ती पर गुज़र गज़्व-ए-तबूक मशहूर गज़्वह है और नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का आखिरी गज़्वह है। (गज़्वह=गज़्वह उस लड़ाई को कहते हैं, जिसमें हुजूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम खुद शरीक हुए हों) हुजूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को इत्तिला (ख़बर) मिली कि रूम का बादशाह …

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फज़ाइले-आमाल – १८

हज़रत इब्ने अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा की नसीहत वहब बिन मुनब्बह रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि हजरत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा की ज़ाहिरी बीनाई (आंखो की रौशनी) जाने के बाद, मैं उनको ले जा रहा था। वह मस्जिदे ह़राम में तशरीफ़ ले गए। वहां पहुंचकर एक मज्मे’ से कुछ झगड़े की …

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फज़ाइले-आमाल – १७

हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू की हालत आप रद़िय अल्लाहु अन्हु के गुलाम हजरत अस्लम रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि मैं एक मर्तबा हजरत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हु के साथ ह़र्रा की तरफ़ जा रहा था। (ह़र्रा= मदीना के करीब एक जगह का नाम है।) एक जगह आग जलती हुई जंगल …

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फज़ाइले-आमाल – १५

मुसलमानों की हब्शा की हिजरत और शिबे-अबी-तालिब में कैद होना मुसलमानों को और उनके सरदार फ़ख्रे दो आलम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को जब कुफ़्फ़ार से तकालीफ़ पहुंचती ही रही और आए दिन उनमें बजाए कमी के इजाफ़ा ही होता रहा तो हुजूरे अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने सहाबा रद़िय अल्लाहु …

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फज़ाइले-आमाल – १४

हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू की हालत हजरत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू बसा औकात (कभी-कभी) एक तिन्का हाथ में लेते और फ़रमाते: काश, मैं यह तिन्का होता. कभी फ़रमाते: काश, मुझे मेरी माँ ने जना ही न होता। एक मर्तबा किसी काम में मश्गुल थे, एक शख्स आया और कहने …

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फज़ाइले-आमाल – १३

हज़रत अबूबक्र रद़िय अल्लाहु अन्हू पर अल्लाह का डर हज़रत अबूबक्र सिद्दीक़ रद़िय अल्लाहु अन्हू जो ब-इज्मा-ए-अहले सुन्नत (तमाम सुन्नत वाले जिस पर एक राय है) अम्ब्यिा अलैहिमुस्सलाम के अलावा तमाम दुनिया के आदमियों से अफ़ज़ल हैं और उनका जन्नती होना यक़ीनी है कि खुद हुजूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम ने …

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