हज़रत अली रजि० का एक क़ब्र पर गुज़र कुमैल रजि० एक शख्स हैं, कहते हैं कि मैं हज़रत अली कर्रमल्लाहु बज्हहू के साथ एक मर्तबा जा रहा था। वह जंगल में पहुंचे, फिर एक मक्बरे की तरफ़ मुतवज्जह हुए और फ़रमाया: ऐ मक्बरे वालो! ऐ बोसीदगी वालो! एक वहशत और …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३९
हज़रत अली बिन माबद रह का किराये के मकान से तहरीर को ख़ुश्क करना अली बिन माबद रह० एक मुहद्दिस हैं, फर्माते हैं, मैं एक किराये के मकान में रहता था। एक मर्तबा मैंने कुछ लिखा और उसको खुश्क करने के लिए मिट्टी की _ ज़रूरत हुई कच्ची दीवार थी। …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३८
हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु की सदक़ा के दूध से क़ै हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने एक मर्तबा दूध नोश फ़र्माया कि उस का मज़ा कुछ अजीब सा, नया सा मालूम हुआ। जिन साहब ने पिलाया था, उन से दरियाफ़्त फ़र्माया कि यह दूध कैसा है? कहां से आया है? उन्होंने …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३७
हज़रत अबूबक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अ़न्हु का एक काहिन के खाने से क़ै करना हज़रत अबूबक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अ़न्हु का एक गुलाम था, जो गल्ला के तौर पर अपनी आमदनी में से हजरत अबू-बक्र सिद्दीक़ रज़ियल्लाहु अ़न्हु की खिदमत में पेश किया करता था । एक मर्तबा वह कुछ खाना लाया …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३६
हुजूर सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम का सदक़ा की खजूर के ख़ौफ़ से तमाम रात जागना एक बार नबी-ए-करिम सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम तमाम रात जागते रहे और करवतें बदलते रहे। अज़वाज-ए-मुतह्हरात में से किसी ने उरज किया: ‘या रसूलल्लाह! आज नींद नहीं आती?’ इरशाद फरमाया कि एक खजूर परी हुई थी, मैं …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३५
सहाबा किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम के तक़्वा के बयान में हज़रात सहाबा-ए-किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम की हर आदत, हर खसलत इस क़ाबिल है कि उसको चुना जाए और उसका इत्तिबा किया जाए और क्यों न हो कि अल्लाह जल्ल शानुहू ने अपने लाडले और महबूब रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मुसाहबत के …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३४
शैतान का कौल है कि कलिमा-ए-तय्यिबा और इस्तिग़्फार ने मुझे हलाक कर दिया عن أبي بكر الصديق رضي الله عنه عن رسول الله صلى الله عليه وسلم: عليكم بلا إله إلا الله والاستغفار فأكثروا منهما فإن إبليس قال: أهلكت الناس بالذنوب وأهلكوني بلا إله إلا الله والإستغفار فلما رأيت ذلك …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३३
सरीयतुल-अम्बर में फ़क़र की हालत नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने रजब सन् ०८ हिजरी में समुन्दर के किनारे एक लश्कर तीन सौ आदमियों का जिन पर हज़रत अबू-उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु अमीर बनाये गए थे, भेजा । हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक थैली में खजूरों का तोशा भी दिया। …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३१
हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का सहाबा रद़ियल्लाहु अन्हुम से दो शख्सों के बारे में सवाल नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की ख़िदमत में कुछ लोग हाजिर थे कि एक शख्स सामने से गुज़रा। हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने दर्याफ़्त फ़रमाया कि तुम लोगों की इस शख्स के बारे में क्या …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ३०
हज़रत अबू-हुरैरह रद़ियल्लाहु अन्हु का भूख में मस्अला दर्याफ़्त करना हजरत अबू-हुरैरह रद़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं कि तुम लोग उस वक़्त हमारी हालतें देखते कि हम में से बाजों को कई-कई वक़्त तक इतना खाना नहीं मिलता था, जिससे कमर सीधी हो सके। मैं भूख की वजह से जिगर को …
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