तालीम

फज़ाइले-आमाल-३

सुल्हे हुदैबिया में अबू जुंदल रज़ि० और अबूबसीर रज़ि० का क़िस्सा सन् ६ हि० में हुज़ूरे अक्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ‘उमरा के इरादे से मक्का तशरीफ ले जा रहे थे। कुफ्फारे मक्का को इस की खबर हुई और वो इस खबर को अपनी ज़िल्लत समझै, इस लिए मुज़ाह़मत की …

اور پڑھو

फज़ाइले आमाल-१

दीन की खातिर सख़्तियों का बर्दाश्त करना और तकालीफ और मशक्कत का झेलना हुजूरे अक्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और सहाबा किराम रजि० ने दीन के फैलाने में जिस कदर तक्लीफें और मशक्कतें बर्दाश्त की हैं, उन का बर्दाश्त करना तो दरकिनार, उसका इरादा करना भी हम जैसे नालायकों से …

اور پڑھو

प्रस्तावना

अल्लाह त’आला ने इन्सानों को बेशुमार नेमतों से नवाज़ा है और अल्लाह त’आला की हर नेमत बहुत बड़ी है, लेकिन दीन की नेमत सबसे बड़ी और ‘अज़ीम नेमत है; क्योंकि दीन ही के ज़रिए इन्सान को आखिरत में नजात मिलेगी, उसको जहन्नम के हमेशा के अज़ाब से छुटकारा मिलेगा और …

اور پڑھو