नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम ने हज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के बारे में फ़रमाया: أقضاهم علي بن أبي طالب (أي: أعرفهم بالقضاء) (سنن ابن ماجة، الرقم: ١٥٤) मेरी उम्मत में सबसे बेहतरीन क़ाज़ी ‘अली बिन अबी तालिब हैं। हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के दिल में नबी ए …
اور پڑھوहज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के लिए नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम की दुआ
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम ने अपना मुबारक हाथ हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के सीने पर रखा और उनके लिए यह दुआ फ़रमाई: اللهم ثبت لسانه (على النطق بالصواب) واهد قلبه (إلى الحق) (مسند أحمد، الرقم: ٨٨٢) हे अल्लाह! उनकी जबान को (हक़ बात कहने में) साबित रखिये और …
اور پڑھوजन्नत की खुशखबरी
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: عثمان في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) उस्मान जन्नत में होंगे (यानी वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशखबरी दी गई)। मस्जिदे ह़राम को कुशादा करने के लिए ज़मीन …
اور پڑھوहज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु का अपने लिए जन्नत खरीदना
गज़व ए तबूक के मौके पर नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु के बारे में फ़रमाया: ما على عثمان ما عمل بعد هذه (أي: ليس عليه أن يعمل عملا أخر لشراء الجنة بعد إنفاقه ست مائة بعير لتجهيز جيش تبوك). (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٠٠) …
اور پڑھوफ़रिश्तों का शर्माना हज़रत उस्मान से
एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: رحم الله عثمان، تستحييه الملائكة (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧١٤) अल्लाह त’आला हज़रत उस्मान पर रहम फरमाए, (वह ऐसे शख्स हैं कि) फ़रिश्ते भी उनके सामने ह़या करते हैं। आखिरत में हिसाब की फिकर एक मर्तबा हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु अपने …
اور پڑھوउहुद पहाड़ का खुशी से झूमना
صعد النبي صلى الله عليه وسلم جبل أحد ومعه سيدنا أبو بكر رضي الله عنه وسيدنا عمر رضي الله عنه وسيدنا عثمان رضي الله عنه. فرجف أحد (من شدة الفرح بوضع هؤلاء الأجلاء أقدامهم عليه)، فضرب سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم الجبل برجله وقال: اسكن أحد، فليس عليك …
اور پڑھوहज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु की शहादत की पेशीन-गोई
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक खास फितने का जिक्र किया और हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु के बारे में फ़रमाया: يقتل هذا فيها مظلوما لعثمان (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٠٨) ये शख्स इस फितने में मज़लूम क़त्ल किया जाएगा। (पेशीन-गोई=वक्त से पहले किसी वाकिऐ का बयान करना) हज़रत उस्मान रदि …
اور پڑھوहज़रत उस्मान रदि अल्लाहु अन्हु के बुलंद अख्लाक
नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपनी साहिबजादी हज़रत रुक़य्या रदि अल्लाहु अन्हा से इर्शाद फ़रमाया: يا بنية: أحسني إلى أبي عبد الله (عثمان)، فإنه أشبه أصحابي بي خلقا (المعجم الكبير للطبراني، الرقم: ٩٨) ऐ मेरी प्यारी बेटी! अपने शौहर उस्मान की खिदमत करना; क्यूंकि वो मेरे सहाबा में …
اور پڑھوउम्मत में सबसे ज्यादा ह़या-दार (शर्मीला) शख्स
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: وأصدقهم (أمتي) حياء عثمان (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩١) मेरी उम्मत में सबसे ज्यादा हया-दार शख्स उस्मान बिन अफ्फान हैं। हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु अन्हु की हया हज़रत आयशा रदि अल्लाहु अन्हा फ़रमाती हैं: एक दफा नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मेरे …
اور پڑھوनबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दिल में हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु अन्हु की बेपनाह मोहब्बत
हज़रत अली रदि अल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि उन्होंने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को फ़रमाते हुए सुना: لو أن لي أربعين بنتا زوّجت عثمان واحدة بعد واحدة، حتى لا يبقى منهن واحدة (أي بعد وفاة واحدة، لزوّجته أخرى حتى لا تبقى واحدة منهن) (أسد الغابة ٣/٢١٦) अगर मेरी चालीस …
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