नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने हज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु से फ़रमाया: أنت مني وأنا منك (أي في النسب والمحبة) (صحيح البخاري، الرقم: ٢٦٩٩) तुम मुझसे हो और मैं तुमसे हूं (यानी हम दोनों एक ही नसब से हैं और हमारी मोहब्बत का त’अल्लुक़ बहुत मज़बूत है)। …
اور پڑھوनबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम और हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के दरम्यान इंतिहाई गेहरा ताल्लुक़
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने हज़रत फातिमा रदि अल्लाहु ‘अन्हा से फ़रमाया: إني وإياك وهذا النائم – يعني عليا – وهما – يعني الحسن والحسين – لفي مكان واحد يوم القيامة (أي في الجنة) (المستدرك للحاكم، الرقم: ٤٦٦٤) क़यामत के दिन बेशक मैं और तुम और ये शख्स जो …
اور پڑھوअल्लाह और उसके रसूल सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम से मोहब्बत करने वाला
गज़व ए ख़ैबर के मौके पर, नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने फ़रमाया: لأعطين الراية غدا رجلا يفتح على يديه، يحبّ الله ورسوله، ويحبّه الله ورسوله. في الغد، دعا رسول الله صلى الله عليه وسلم عليا وأعطاه الراية (من صحيح البخاري، الرقم: ٣٠٠٩) कल, मैं झंडा उस शख्स …
اور پڑھوहज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु की शान में गुस्ताखी की संगीनी
नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया: من سبّ عليا فقد سبّني (مسند أحمد، الرقم: ٢٦٧٤٨) जिसने ‘अली को बुरा-भला कहा, यक़ीनन उसने मुझे बूरा-भला कहा। हज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के दिल में आख़िरत का ख़ौफ़ कुमैल बिन ज़ियाद रदि अल्लाहु ‘अन्हु बयान करते हैं: एक मर्तबा मैं …
اور پڑھوहज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु का बुलंद तरीन मक़ाम
नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि व सल्लम ने एक मर्तबा हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु से फ़रमाया: ألا ترضى أن تكون مني بمنزلة هارون، من موسى إلا أنه ليس نبي بعدي (صحيح البخاري، الرقم: ٤٤١٦) क्या तुम इस बात पर राजी़ नहीं हो कि तुम मेरे लिए वैसे ही हो …
اور پڑھوहज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के लिए नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की दुआ
नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक मर्तबा हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के लिए यह दुआ फ़रमाई: اللّٰهُمَّ أَدِرِ الْحَقَّ مَعَهُ حَيْثُ دَارَ (جامع الترمذي، الرقم: ٣٧١٤) ऐ अल्लाह! हक़ को उनके साथ फेर दें, जिधर वो फिरें। हजरत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु की बहादुरी गज़व ए उहुद …
اور پڑھوउम्मते मुह़म्मदिया के सबसे बेहतरीन क़ाज़ी
नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम ने हज़रत ‘अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के बारे में फ़रमाया: أقضاهم علي بن أبي طالب (أي: أعرفهم بالقضاء) (سنن ابن ماجة، الرقم: ١٥٤) मेरी उम्मत में सबसे बेहतरीन क़ाज़ी ‘अली बिन अबी तालिब हैं। हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के दिल में नबी ए …
اور پڑھوहज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के लिए नबी ए करीम सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम की दुआ
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु ‘अलैहि वसल्लम ने अपना मुबारक हाथ हज़रत अली रदि अल्लाहु ‘अन्हु के सीने पर रखा और उनके लिए यह दुआ फ़रमाई: اللهم ثبت لسانه (على النطق بالصواب) واهد قلبه (إلى الحق) (مسند أحمد، الرقم: ٨٨٢) हे अल्लाह! उनकी जबान को (हक़ बात कहने में) साबित रखिये और …
اور پڑھوजन्नत की खुशखबरी
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फ़रमाया: عثمان في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) उस्मान जन्नत में होंगे (यानी वह उन लोगों में शामिल हैं जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशखबरी दी गई)। मस्जिदे ह़राम को कुशादा करने के लिए ज़मीन …
اور پڑھوहज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु का अपने लिए जन्नत खरीदना
गज़व ए तबूक के मौके पर नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने हज़रत उस्मान रदि अल्लाहु ‘अन्हु के बारे में फ़रमाया: ما على عثمان ما عمل بعد هذه (أي: ليس عليه أن يعمل عملا أخر لشراء الجنة بعد إنفاقه ست مائة بعير لتجهيز جيش تبوك). (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٠٠) …
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