सहाबए किराम

रसूले-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मुबारक ज़बान से हज़रत अबू-‘उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु की तारीफ़

एक मर्तबा रसूले-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत अबू-‘उबैदह रद़िय अल्लाहु अन्हु की तारीफ़ करते हुए फ़र्माया: نعم الرجل أبو عبيدة بن الجراح (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩٥) अबू-‘उबैदह बिन जर्राह़ (रद़िय अल्लाहु अन्हु) बहुत अच्छे इन्सान हैं। हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु का दुनिया के माल-सामान से पहलू बचाना जब …

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हज़रत अबू-उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु पर हज़रत उमर रद़ियल्लाहु अन्हु का भरोसा

عيّن سيدنا عمر رضي الله عنه قبل موته ستة من الصحابة الكرام رضي الله عنهم وأمرهم باختيار الخليفة من بينهم، وقال حينئذ: ولو كان أبو عبيدة حيا لاستخلفته (على المسلمين) (تفسير ابن كثير ٨/٥٤) हज़रत ‘उमर रद़िय अल्लाहु अन्हु ने अपने इन्तिकाल से पहले छह सहाबा-ए-किराम रद़िय अल्लाहु अन्हुम की …

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हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु लोगो में एक बेहतरीन आदमी

हज़रत मुआज़ बिन जबल रद़िय अल्लाहु अन्हु ने हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु के बारे में फ़र्माया: واللَّه إنه لمن خيرة من يمشي على الأرض (الإصابة ٣/٤٧٧) अल्लाह की कसम! वो (अबू-उबैदा) बेहतरीन लोगों में से हैं जो इस वक़्त ज़मीन पर चल रहे हैं। हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु …

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हज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु के आमाल कुराने-करीम के मुताबिक होना

मुफस्सिरीने-किराम फरमाते हैं कि कुराने-करीम की निम्नलिखित आयत हज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु और दूसरे सहाबा-ए-किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम की तारीफ (प्रशंसा) में नाज़िल हुई है: لَّا تَجِدُ قَوْمًا يُؤْمِنُونَ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ يُوَادُّونَ مَنْ حَادَّ اللَّهَ وَرَسُولَهُ وَلَوْ كَانُوا آبَاءَهُمْ أَوْ أَبْنَاءَهُمْ أَوْ إِخْوَانَهُمْ أَوْ عَشِيرَتَهُمْ तु न पाएगा (न देखेगा) …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के पसंदीदा

سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: أي أصحاب رسول الله صلى الله عليه وسلم كان أحب إلى رسول الله؟ قالت: أبو بكر قيل: ثم من (كان أحب إلى رسول الله من أصحابه)؟ قالت: عمر قيل: ثم من (كان أحب إلى رسول الله) ؟ قالت: ثم أبو عبيدة بن الجراح (سنن …

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हज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु के लिए जन्नत की बशारत

अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़र्माया: أبو عبيدة في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) अबू-‘उबैदा जन्नत में होंगे। (यानी वह उन लोगों में से हैं जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशखबरी दी गई।) हज़रत ‘उमर रद़ियल्लाहु ‘अन्हु की आरज़ू …

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उम्मते-मुहम्मदिया का खास अमीन

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: لكل أمة أمين (خاص)، وأمين هذه الأمة (يتولّى أمورها) أبو عبيدة بن الجراح (صحيح البخاري، الرقم: ٤٣٨٢) हर उम्मत का एक (खास) अमीन होता है (दीनी कामों की देखभाल के लिए) और इस उम्मत का (खास) अमीन अबू-उबैदा बिन जर्राह़ हैं। हज़रत अबू-उबैदा बिन …

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हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हु से नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की रज़ामंदी

حدّد سيدنا عمر رضي الله عنه قبل موته ستة من الصحابة الكرام رضي الله عنهم وأمرهم باختيار الخليفة من بينهم، وكان منهم سيدنا الزبير رضي الله عنه. قال سيدنا عمر رضي الله عنه عنهم: ما أجد أحدا أحق بهذا الأمر من هؤلاء النفر الذين توفي رسول الله صلى الله عليه …

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हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू का अल्लाह तआला की राह में ज़ख़्मी होना

हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू ने अपने बेटे अब्दुल्लाह से फरमाया: ما مني عضو إلا وقد جرح مع رسول الله صلى الله عليه وسلم (مجاهدا في سبيل الله) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٦) मेरा कोई उज़्व (शरीर का कोई भाग) एसा नहीं है, जो ज़ख़्मी न हुआ हो जंग में रसूलुल्लाह …

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हजरत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू की दरियादिली

حدثني مغيث بن سمي قال: كان للزبير بن العوام رضي الله عنه، ألف مملوك يؤدي إليه الخراج فلا يدخل بيته من خراجهم شيئا (السنن الكبرى، الرقم: 15787) मुग़ीस बिन सुमय रहिमहुल्लाह कहते हैं: हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू के एक हज़ार गुलाम थे, जो कमाते थे और अपनी कमाई हज़रत …

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