सहाबए किराम

हज़रत तलहा बिन उबैदुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु का अपने लिए जन्नत हासिल करना

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: أوجب طلحة (أي الجنة) (جامع الترمذي، الرقم: 1692) तल्हा ने (जन्नत) को अपने लिए वाजिब कर लिया। हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु उहुद की लड़ाई में हज़रत ज़ुबैर बिन अवाम रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं के हुज़ूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के मुबारक बदन पर उहुद …

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हज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ऊद रज़ियल्लाह अन्हु की नज़र में हज़रत अबू-उबैदह रज़ियल्लाह अन्हु का बुलंद मक़ाम

हज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ऊद रज़ियल्लाह अन्हु ने एक बार फ़र्माया: أخلائي من هذه الأمة ثلاثة: أبو بكر وعمر وأبو عبيدة بن الجراح رضي الله عنهم (فضائل الصحابة لأحمد بن حنبل، الرقم: ١٢٧٧) इस उम्मत में मेरे तीन खास दोस्त हैं: अबू-बक्र, उमर और अबू-उबैदह। हज़रत अबू-बक्र रज़ियल्लाहु अन्हु की नज़र …

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धरती के मुख पर चलता-फिरता शहीद

रसूलु-ल्लाह सल्ल-ल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक बार फ़रमाया: من سره أن ينظر إلى شهيد يمشي على وجه الأرض فلينظر إلى طلحة بن عبيد الله (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٣٩) “जो कोई किसी शहीद को ज़मीन के मुख पर चलते हुए देखना चाहता है, वह तल्हा बिन उबैदुल्लाह को देखे।” हज़रत तल्हा …

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अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के सबसे ज़्यादा प्यारे लोग

سأل سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه ذات مرة فقال: يا رسول الله، أي الناس أحبّ إليك؟ قال صلى الله عليه وسلم: عائشة قال: من الرجال (من أحبّ إليك)؟ قال: أبو بكر قال: ثم من؟ قال: عمر قال: ثم من؟ قال: أبو عبيدة بن الجراح (صحيح ابن حبان، الرقم: …

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हज़रत अबू-‘उबैदह रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा का भरोसा

سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: من كان رسول الله صلى الله عليه وسلم مستخلفا لو استخلفه؟ قالت: أبو بكر فقيل لها: ثم من بعد أبي بكر؟ قالت: عمر ثم قيل لها من بعد عمر؟ قالت: أبو عبيدة بن الجراح  (صحيح مسلم، الرقم: ٢٣٨٥) हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा से एक …

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रसूले-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मुबारक ज़बान से हज़रत अबू-‘उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु की तारीफ़

एक मर्तबा रसूले-अकरम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत अबू-‘उबैदह रद़िय अल्लाहु अन्हु की तारीफ़ करते हुए फ़र्माया: نعم الرجل أبو عبيدة بن الجراح (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩٥) अबू-‘उबैदह बिन जर्राह़ (रद़िय अल्लाहु अन्हु) बहुत अच्छे इन्सान हैं। हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु का दुनिया के माल-सामान से पहलू बचाना जब …

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हज़रत अबू-उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु पर हज़रत उमर रद़ियल्लाहु अन्हु का भरोसा

عيّن سيدنا عمر رضي الله عنه قبل موته ستة من الصحابة الكرام رضي الله عنهم وأمرهم باختيار الخليفة من بينهم، وقال حينئذ: ولو كان أبو عبيدة حيا لاستخلفته (على المسلمين) (تفسير ابن كثير ٨/٥٤) हज़रत ‘उमर रद़िय अल्लाहु अन्हु ने अपने इन्तिकाल से पहले छह सहाबा-ए-किराम रद़िय अल्लाहु अन्हुम की …

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हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु लोगो में एक बेहतरीन आदमी

हज़रत मुआज़ बिन जबल रद़िय अल्लाहु अन्हु ने हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु के बारे में फ़र्माया: واللَّه إنه لمن خيرة من يمشي على الأرض (الإصابة ٣/٤٧٧) अल्लाह की कसम! वो (अबू-उबैदा) बेहतरीन लोगों में से हैं जो इस वक़्त ज़मीन पर चल रहे हैं। हज़रत अबू-उबैदा रद़िय अल्लाहु अन्हु …

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हज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु के आमाल कुराने-करीम के मुताबिक होना

मुफस्सिरीने-किराम फरमाते हैं कि कुराने-करीम की निम्नलिखित आयत हज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु और दूसरे सहाबा-ए-किराम रद़ियल्लाहु अन्हुम की तारीफ (प्रशंसा) में नाज़िल हुई है: لَّا تَجِدُ قَوْمًا يُؤْمِنُونَ بِاللَّهِ وَالْيَوْمِ الْآخِرِ يُوَادُّونَ مَنْ حَادَّ اللَّهَ وَرَسُولَهُ وَلَوْ كَانُوا آبَاءَهُمْ أَوْ أَبْنَاءَهُمْ أَوْ إِخْوَانَهُمْ أَوْ عَشِيرَتَهُمْ तु न पाएगा (न देखेगा) …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के पसंदीदा

سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: أي أصحاب رسول الله صلى الله عليه وسلم كان أحب إلى رسول الله؟ قالت: أبو بكر قيل: ثم من (كان أحب إلى رسول الله من أصحابه)؟ قالت: عمر قيل: ثم من (كان أحب إلى رسول الله) ؟ قالت: ثم أبو عبيدة بن الجراح (سنن …

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