सहाबए किराम

हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ रज़ियल्लाहु अन्हु को जन्नत की खुशखबरी

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: عبد الرحمن في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) अब्दुर्रहमान जन्नत में होंगे (याने वो उन लोगो में से हैं जिन्हें इस दुनिया ही में जन्नत की खुश्खबरी दे दी गई।) हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ़ रज़ियल्लाहु अन्हु …

اور پڑھو

हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ़ रज़ियल्लाह अन्हु एक बेहतरीन मुसलमान

नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ़ रज़ियल्लाह अन्हु के बारे में फ़रमाया: إنه ‌من ‌خيار ‌المسلمين (المعجم الأوسط، الرقم: ١١٨٧) बेशक वो बेहतरीन मुसलमानों में से हैं। हज़रत अब्दुर्रहमान बिन औफ़ रज़ियल्लाह अन्हु एक बेहतरीन मुसलमान एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत बुस्रा बिन्ते सफ़वान …

اور پڑھو

जंगे-उहुद में हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का हमा-वक़्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के साथ रहना

एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम को मुखातिब कर के फ़रमाया: ألا أخبركم عن يوم أحد وما معي إلا جبريل عن يميني وطلحة عن يساري (المعجم الأوسط، الرقم: ٥٨١٦، المستدرك للحاكم، الرقم: ٥٦١٦) क्या मैं तुम्हें गज़्व-ए-उहुद के दिन की खबर न दूं; जब मेरी दाईं …

اور پڑھو

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के हम-ज़ुल्फ़ (साढ़ू भाई)

قال سيدنا طلحة رضي الله عنه: كان النبي صلى الله عليه وسلم إذا رآني قال: (أنت) سِلْفي (عديلي) في الدنيا وسِلْفي في الآخرة (الأحاديث المختارة، الرقم: ٨٤٩) हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु बयान करते हैं कि जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम मुझे देखते तो आप फ़रमाते: (तुम) दुनिया और आख़िरत में …

اور پڑھو

हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु के लिए जन्नत की बशारत

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: طلحة في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) तल्हा जन्नत में होंगे (याने वो उन लोगो में से हैं जिन्हें इस दुनिया ही में जन्नत की खुश्खबरी दे दी गई।) हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु की सखावत सु’दा …

اور پڑھو

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की तरफ से “अल-फ़य्याज़” का लकब

एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु को मुखातिब करके फ़रमाया: ما أنت يا طلحة إلا فيّاض (تاريخ دمشق ٢٥/٩٣) ऐ तल्हा! यकीनन आप फ़य्याज़ (बहोत ही सखी) हैं। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की तरफ से “अल-फ़य्याज़” का लकब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत तल्हा …

اور پڑھو

हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का अपना ‘अहद पूरा करना

रसूलु-ल्लाह सल्ल-ल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक बार फ़रमाया: طلحة ممن قضى نحبه (أي ممن وفوا بعهدهم من الثبات في مواطن القتال والاستعداد لبذل النفوس للدين) (جامع الترمذي، الرقم: ٣٢٠٣) तल्हा उन सहाबा में से हैं जिन्होंने अपना अहद (प्रतिज्ञा) पूरा किया (कि वो दीन के खातिर जंग के मैदान में …

اور پڑھو

हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का अल्लाह के खातिर जान कुर्बान करने की बैअत करना

हज़रत सा’द बिन ‘उबादह रज़ियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया: بايع رسولَ الله صلى الله عليه وسلم ‌عصابةٌ ‌من ‌أصحابه ‌على (القتال في سبيل الله حتى) ‌الموت يوم أحد، وكان منهم سيدنا طلحة رضي الله عنه (الإصابة ٣/٤٣١) उहुद के दिन, चंद सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के हाथ …

اور پڑھو

कोहे हिरा का खुशी से झूमना

ذات مرة، صعد رسول الله صلى الله عليه وسلم جبل حراء ومعه أبو بكر وعمر وعثمان وعلي وطلحة، والزبير وسعد بن أبي وقاص رضي الله عنهم فتحرك (الجبل ورجف)، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: اسكن حراء فما عليك إلا نبي أو صديق أو شهيد (من صحيح مسلم، الرقم: …

اور پڑھو

जन्नत में रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैही व-सल्लम का पड़ोसी

हज़रत ‘अली रद़ियल्लाहु ‘अन्हु ने हज़रत तल्हा और ज़ुबैर रद़ियल्लाहु ‘अन्हुमा के बारे में फरमाया: سمعت أذني مِن فِيْ رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو يقول: طلحة والزبير جاراي في الجنة. (جامع الترمذي، الرقم: ٣٧٤١) मेरे कान ने बराहे-रास्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम के मुबारक मुंह से यह इरशाद …

اور پڑھو