एक मर्तबा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु को मुखातिब करके फ़रमाया: ما أنت يا طلحة إلا فيّاض (تاريخ دمشق ٢٥/٩٣) ऐ तल्हा! यकीनन आप फ़य्याज़ (बहोत ही सखी) हैं। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की तरफ से “अल-फ़य्याज़” का लकब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने हज़रत तल्हा …
اور پڑھوहज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का अपना ‘अहद पूरा करना
रसूलु-ल्लाह सल्ल-ल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक बार फ़रमाया: طلحة ممن قضى نحبه (أي ممن وفوا بعهدهم من الثبات في مواطن القتال والاستعداد لبذل النفوس للدين) (جامع الترمذي، الرقم: ٣٢٠٣) तल्हा उन सहाबा में से हैं जिन्होंने अपना अहद (प्रतिज्ञा) पूरा किया (कि वो दीन के खातिर जंग के मैदान में …
اور پڑھوहज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु का अल्लाह के खातिर जान कुर्बान करने की बैअत करना
हज़रत सा’द बिन ‘उबादह रज़ियल्लाहु अन्हु ने फ़रमाया: بايع رسولَ الله صلى الله عليه وسلم عصابةٌ من أصحابه على (القتال في سبيل الله حتى) الموت يوم أحد، وكان منهم سيدنا طلحة رضي الله عنه (الإصابة ٣/٤٣١) उहुद के दिन, चंद सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के हाथ …
اور پڑھوकोहे हिरा का खुशी से झूमना
ذات مرة، صعد رسول الله صلى الله عليه وسلم جبل حراء ومعه أبو بكر وعمر وعثمان وعلي وطلحة، والزبير وسعد بن أبي وقاص رضي الله عنهم فتحرك (الجبل ورجف)، فقال رسول الله صلى الله عليه وسلم: اسكن حراء فما عليك إلا نبي أو صديق أو شهيد (من صحيح مسلم، الرقم: …
اور پڑھوजन्नत में रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैही व-सल्लम का पड़ोसी
हज़रत ‘अली रद़ियल्लाहु ‘अन्हु ने हज़रत तल्हा और ज़ुबैर रद़ियल्लाहु ‘अन्हुमा के बारे में फरमाया: سمعت أذني مِن فِيْ رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو يقول: طلحة والزبير جاراي في الجنة. (جامع الترمذي، الرقم: ٣٧٤١) मेरे कान ने बराहे-रास्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम के मुबारक मुंह से यह इरशाद …
اور پڑھوहज़रत तलहा बिन उबैदुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु का अपने लिए जन्नत हासिल करना
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: أوجب طلحة (أي الجنة) (جامع الترمذي، الرقم: 1692) तल्हा ने (जन्नत) को अपने लिए वाजिब कर लिया। हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु उहुद की लड़ाई में हज़रत ज़ुबैर बिन अवाम रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं के हुज़ूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के मुबारक बदन पर उहुद …
اور پڑھوहज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ऊद रज़ियल्लाह अन्हु की नज़र में हज़रत अबू-उबैदह रज़ियल्लाह अन्हु का बुलंद मक़ाम
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मस्ऊद रज़ियल्लाह अन्हु ने एक बार फ़र्माया: أخلائي من هذه الأمة ثلاثة: أبو بكر وعمر وأبو عبيدة بن الجراح رضي الله عنهم (فضائل الصحابة لأحمد بن حنبل، الرقم: ١٢٧٧) इस उम्मत में मेरे तीन खास दोस्त हैं: अबू-बक्र, उमर और अबू-उबैदह। हज़रत अबू-बक्र रज़ियल्लाहु अन्हु की नज़र …
اور پڑھوधरती के मुख पर चलता-फिरता शहीद
रसूलु-ल्लाह सल्ल-ल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने एक बार फ़रमाया: من سره أن ينظر إلى شهيد يمشي على وجه الأرض فلينظر إلى طلحة بن عبيد الله (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٣٩) “जो कोई किसी शहीद को ज़मीन के मुख पर चलते हुए देखना चाहता है, वह तल्हा बिन उबैदुल्लाह को देखे।” हज़रत तल्हा …
اور پڑھوअल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के सबसे ज़्यादा प्यारे लोग
سأل سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه ذات مرة فقال: يا رسول الله، أي الناس أحبّ إليك؟ قال صلى الله عليه وسلم: عائشة قال: من الرجال (من أحبّ إليك)؟ قال: أبو بكر قال: ثم من؟ قال: عمر قال: ثم من؟ قال: أبو عبيدة بن الجراح (صحيح ابن حبان، الرقم: …
اور پڑھوहज़रत अबू-‘उबैदह रज़ियल्लाहु ‘अन्हु पर हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा का भरोसा
سئلت سيدتنا عائشة رضي الله عنها: من كان رسول الله صلى الله عليه وسلم مستخلفا لو استخلفه؟ قالت: أبو بكر فقيل لها: ثم من بعد أبي بكر؟ قالت: عمر ثم قيل لها من بعد عمر؟ قالت: أبو عبيدة بن الجراح (صحيح مسلم، الرقم: ٢٣٨٥) हज़रत ‘आइशा रज़ियल्लाहु ‘अन्हा से एक …
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