हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने इरशाद फरमाया ما لأحد عندنا يد إلا وقد كافيناه ما خلا أبا بكر فإن له عندنا يدا يكافئه الله به يوم القيامة (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٦١) जिस ने भी हमारे साथ कोई एहसान किया, हम ने उसका बदला (इस दुनिया में) दे दिया सिवाए …
اور پڑھوहज़रत जिब्रील अलयहि अल-सलाम की तरफ से “अस्-सिदीक” का लकब
हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने मैराज की रात हज़रत जिब्रील अलयहि अल-सलाम से फरमाया: إن قومي لا يصدقوني (إذا أخبرتهم بأنه قد أسري بي)، فقال له جبريل: يصدقك أبو بكر، وهو الصديق (المعجم الأوسط للطبراني، الرقم: ٧١٧٣) मेरी कौम मेरी तस्दीक़ नहीं करेगी (जब मैं उन्हैं मैराज के …
اور پڑھوउम्मते मुहम्मदया में सबसे मजबूत इमान का व्यक्ति
हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने फरमाया: لو وضع إيمان أبي بكر على إيمان هذه الأمة (أي: لو وزن إيمانه بإيمانهم) لرجح بها (الكامل لابن عدي ٦/٤٥٧، المقاصد الحسنة، الرقم: ٩٠٨) अगर अबू बकर के ईमान को पूरी उम्मत के ईमान के मुकाबले में तौला जाए तो उनका ईमान …
اور پڑھوअल-अतीक – जहन्नम की आग से आज़ाद
كان سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم جالسا مع أصحابه مرة، فنظر إلى سيدنا أبي بكر رضي الله عنه وقال: هذا عتيق الله من النار فيومئذ سمي سيدنا أبو بكر رضي الله عنه عتيقا (مسند البزار، الرقم: ٢٢١٣، مجمع الزوائد، الرقم: ١٤٢٨٩) एक बार नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि …
اور پڑھوउम्मते मुहम्मदिया में सबसे श्रेष्ठ इंसान
नबी अकरम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इर्शाद फ़रमाया: إن أبا بكر خير ممن طلعت عليه الشمس أو غربت (رواه الطبراني كما في مجمع الزوائد، الرقم: ١٤٣١٤) नि:संदेह अबू बक्र रदियल्लाहु अन्हु (मेरी उम्मत में) सबसे श्रेष्ठ इंसान हैं, जिन पर सूरज उगा या डूबा। उम्मते मुहम्मदिया में सबसे श्रेष्ठ इंसान …
اور پڑھوगुफा में और ह़ोज़े कौषर पर रसूले करीम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम का सहवास
हज़रत रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम ने हज़रत अबू बक्र रज़ि अल्लाहु अन्हु से फरमाया: أنت صاحبي على الحوض (الكوثر يوم القيامة) وصاحبي في الغار (أثناء الهجرة) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٦٧٠) तुम मेरे साथी होंगे होज़ (कौषर) पर (जैसे हिजरत के समय) तुम गुफा में मेरे साथी थे। हज़रत अबु बक्र …
اور پڑھوउम्मत पर सबसे अधिक दयालु सहाबी
قال سيدنا رسول الله صلى الله عليه وسلم: أرحم أمتي بأمتي أبو بكر (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٩٠) हज़रत रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) ने इरशाद फरमाया कि “मेरी उम्मत में सबसे अधिक मेरी उम्मत पर दयालु (हज़रत) अबु बक्र रदी अल्लाहु अन्हु हैं हज़रत अबु बक्र का रसूले अकरम सल्लल्लाहु …
اور پڑھوसहाबा ए किराम (रज़ि) के लिए जन्नत का वादा
अल्लाह तआला का मुबारक फरमान है: أَعَدَّ اللَّهُ لَهُم جَنّٰتٍ تَجرى مِن تَحتِهَا الأَنهٰرُ خٰلِدينَ فيها ذٰلِكَ الفَوزُ العَظيمُ (سورة التوبة: ۸۹) अल्लाह तआला ने उनके लिए एसे बाग़ात तैयार कर रखे हैं, जिन के नीचे नहरें बेहती हैं, जिन में ये हमेशा रहेंगे। ये बङी कामयाबी है। हज़रत अनस …
اور پڑھوसहाबए किराम की महा क़ुर्बानीयों के बारे में क़ुर्आने करीम की गवाही
अल्लाह सुब्हानहु वतआला का मुबारक फ़रमान हैः لَٰكِنِ الرَّسُولُ وَالَّذِينَ آمَنُوا مَعَهُ جَاهَدُوا بِأَمْوَالِهِمْ وَأَنفُسِهِمْ ۚ وَأُولَٰئِكَ لَهُمُ الْخَيْرَاتُ ۖ وَأُولَٰئِكَ هُمُ الْمُفْلِحُونَ (سورة التوبة: 88) परंतु रसूल और वह लोग जो उन के साथ इमान लाए, उन्होंने अपने माल और अपनी जान से जिहाद किया और उन्ही के लिए …
اور پڑھوसहाबए किराम (रज़ि.) की ताज़ीम का हुकम
हज़रत रसूले ख़ुदा (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक फ़रमान हैः “मेरे सहाबा की इज़्ज़त करो, क्युंके वह तुम में सब से बेहतर हैं फिर वह (तुम में सब से बेहतर हैं) जो उन के बाद आए (ताबिईन) फिर वह जो उन के बाद आए (तबऐ बातिईन).” (मुस्नदे अब्दुर्रज़्ज़ाक़, रक़म नं-२१६३४) …
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