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मोहब्बत का बग़ीचा (अठ्ठाईसवां प्रकरण)‎

بسم الله الرحمن الرحيم औलाद की अच्छी तरबियत के लिए नेक संगात की ज़रूरत औलाद की अच्छी तरबियत के लिए वालिदैन पर ज़रूरी है के वह इस बात का प्रबंध करें के उन की औलाद नेक लोगों की सोहबत और अच्छे माहोल में रहे, क्युंकि नेक सोहबत और अच्छे माहोल …

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क़ुर्आने करीम की सुन्नतें और आदाब – ३

क़ुर्आने मजीद की तिलावत की सुन्नतें और आदाब (१) क़ुर्आने मजीद की तिलावत करने से पेहले इस बात का प्रबंध करें के आप का मुंह साफ़ हो. हज़रत अली (रज़ि.) फ़रमता हे हैं के बेशख तुम्हारे मुंह क़ुर्आन मजीद के लिए रास्ते हैं (यअनी क़ुर्आने मजीद की तिलावत मुंह से …

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निकाह की सुन्नतें और आदाब – १८

वैवाहिक विवाद को ख़तम करना जब मियां बिवी के दरमियान तलाक़ के ज़रीए फ़ुरक़त (जुदाई) होती है, तो उस वक़्त दो अफ़राद जुदा नहीं होते हैं, बलके दो ख़ानदानों में अलाहीदगी होती है. उस के अलावह अगर मियां बिवी के बच्चे हों, तो मियां बिवी की अलाहीदगी की वजह से …

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रसूले करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की सख़्त वईद

मुसलमानों के लिए हज़रत सअद (रज़ि.) का पैग़ाम उहद की लड़ाई में हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने दरयाफ़्त फ़रमाया के सअद बिन रबीअ (रज़ि.) का हाल मालूम नही हुवा के क्या गुज़री. एक सहाबी (रज़ि.) को तलाश के लिए भेजा वह शुहदा की जमाअत में तलाश कर रहे थे. …

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तबलीग़ की मेहनत का सारांश

हज़रत मौलाना मुहमंद इल्यास साहब(रह.) ने एक मर्तबा इरशाद फ़रमायाः “हमारी तबलीग़ का हासिल यह है के आाम दीन दार मुसलमान अपने ऊपर वालों से दीन को लें और अपने नीचे वालों को दें. मगर नीचे वालओं को अपना मोहसिन समझें. क्युंकि जितना हम कलिमे को पहोंचाऐंगे फैलाऐंगे उस से …

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