एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने अपने सहाबा ए किराम रदि अल्लाहु अन्हुम को मुखातिब करते हुए फरमाया: يطلع عليكم الآن رجل من أهل الجنة، فطلع سيدنا سعد بن أبي وقاص رضي الله عنه (مسند أحمد، الرقم: ١٢٦٩٧، مسند البزار، الرقم: ٦٨٣٦) अभी तुम्हारे सामने एक ऐसा व्यक्ति आयेगा …
اور پڑھوहज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु के इल्मे-दीन को फैलाना
لما دخل سيدنا علي رضي الله عنه الكوفة وشاهد علم أهلها، قال: أصحاب عبد الله سرج هذه القرية (في نشر عل…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम की मोहब्बत
قال سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه: سأحدثك برجلين (معينين) مات رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو يح…
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – २
पुख़्ता ईमान और कामिल यक़ीन का फ़रीज़ा दूसरा फ़रीज़ा यह है कि हम नबी करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम …
हज़रत उ़मर रज़ियल्लाहु अ़न्हु की ज़बान से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु के अज़ीम इल्म की तारीफ़
في إحدى المرّات، سُئل سيّدنا عمر رضي الله عنه عن مسألة، وكان سيّدنا عبد الله بن مسعود رضي الله عنه ج…
गुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल
عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام…
નવા લેખો
फज़ाइले-सदकात – ४
सिला-रहमी हज़रत अब्दुल्लाह बिन अबी औफा रज़ि० फरमाते हैं कि हम शाम को हुज़ूरे अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में हल्के के तौर पर चारों तरफ बैठे थे। हुजूर सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम ने फरमाया कि मज्मे में कोई शख़्स कता-रहमी करने वाला हो तो वह उठ जाए, हमारे …
اور پڑھوफज़ाइले सदकात – ३
कुर्दी का किस्सा कुर्द एक कबीले का नाम है, उसमें एक शख़्स मशहूर डाकू था। वह अपना किस्सा बयान करता है कि मैं अपने साथियों की एक जमाअत के साथ डाके के लिए जा रहा था। रास्ते में हम एक जगह बैठे थे। वहां हमने देखा कि खजूर के तीन …
اور پڑھوहज़रत सा’द रदि अल्लाहु अन्हू का बराह-ए-रास्त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम से नमाज़ का तरीक़ा सीखना
في السنة الحادية والعشرين من الهجرة، أتى بعض أهل الكوفة سيدنا عمر رضي الله عنه وشكوا إليه سيدَنا سعدَ بن أبي وقاص رضي الله عنه أنه لا يصلّي بهم صلاة صحيحة. فسأله سيدُنا عمرُ رضي الله عنه عن ذلك، فقال: أما أنا والله فإني كنت أصلي بهم صلاة رسول الله …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – ४
हज़रत बिलाल हब्शी र’दि अल्लाहु अन्हू का इस्लाम और मसाइब हजरत बिलाल हब्शी र’दि अल्लाहु अन्हू एक मशहूर सहाबी हैं, जो मस्जिदे नबुवी के हमेशा मुअज्जिन रहे। शुरू में एक काफ़िर के गुलाम थे, इस्लाम ले आये जिसकी वजह से तरह-तरह की तकलीफें दिये जाते थे। (मुअज्जिन=अज़ान देने वाले) उमैया …
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