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हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु – हब्शियों में सबसे पहले मुसलमान

عن سيدنا أنس رضي الله عنه أنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: السباق (أقوامهم إلى الإسلام) أربعة: أنا سابق العرب (جئتنهم بالإسلام)، وسلمان سابق الفرس (إلى الإسلام)، وبلال سابق الحبشة (إلى الإسلام)، وصهيب سابق الروم (إلى الإسلام) (المستدرك، الرقم: ٥٢٤٣) हज़रत अनस रद़ियल्लाहु अन्हु रिवायत करते हैं …

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वुज़ू में पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का तरीक़ा

सवाल: पैरों की उंगलियों का खिलाल करने का सही तरीक़ा क्या है? जवाब: बाएं हाथ की छोटी उंगली को पैरों की उंगलियों के दरमियान दाखिल करें। दाएं पैर की छोटी उंगली से खिलाल शुरू करें और बाएं पैर की छोटी उंगली पर ख़त्म करें। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. …

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एक मोमिन की ज़िंदगी पर नमाज़ का बड़ा असर

हज़रत मौलाना मुहम्मद इल्यास साहिब रह़िमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फरमाया: हमारे नज़दीक इस्लाह की तरतीब यूं है कि (कलिमा-ए-तय्यिबा के ज़रिए ईमानी मुआहदा की तजदीद के बाद) सबसे पहले नमाज़ों की दुरुस्ती और तकमील (पूरा करने) की फिक्र की जाए। नमाज़ की बरकात बाकी पूरी ज़िंदगी को सुधार देंगी। …

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सो (१००) हाजतो का पूरा करना

हजीर जाबिर (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के “जो व्यक्ति मुझ पर हर दिन सो (१००) बार दुरूद भेजता है, अल्लाह तआला उस की सो (१००) ज़रूरतें पूरी करेंगेः सत्तर (७०) ज़रूरतें उस के आख़िरत के जीवन के बारे में और तीस (३०) ज़रूरतें उस की दुनयवी जीवन से संबंधित.”...

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ज़ुहर (Zuhr) से पहले की छूटी हुई सुन्नतें ज़ुहर के बाद अदा करना

सवाल: अगर ज़ुहर से पहले की चार रकात सुन्नतें मैंने नहीं पढ़ीं, तो मैं उन चार रकात सुन्नतों को कब पढूं? क्या ज़ुहर के बाद की दो रकात सुन्नतों से पहले पढूं या दो रकात सुन्नतों के बाद पढूं? जवाब: आप इन चार रकात सुन्नतों को दो रकात सुन्नतों के …

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