सवाल: क्या कुरान-शरीफ से मुत्तसिल (यानी जुड़े हुए) गिलाफ को छूने के लिए बा-वज़ू (वज़ू के साथ) होना ज़रूरी है? जवाब: हां। चूंकि यह गिलाफ कुरान-मजीद के साथ मुत्तसिल (जुड़ा हुआ) है; इसलिए इसे छूने के लिए बा-वज़ू होना ज़रूरी होगा। अल्लाह तआला ज्यादह जानने वाले हैं. (ومنها) حرمة مس …
اور پڑھو
2 weeks ago
हज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार
قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، وا…
2 weeks ago
फ़रिश्तों का नबी ए करीम सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम की ख़िदमत में दुरूदो सलाम पहोंचाना
“नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की उम्मत में से जो शख़्स भी नबीए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम)…
2 weeks ago
जुम्आ के दिन कषरत से दुरूद शरीफ़ पढ़ने वाले के लिए नबिए करीम (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की दुआ
हज़रत उमर बिन ख़त्ताब (रज़ि.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया …
2 weeks ago
दुरूद शरीफ़ जमा करने के लिए फ़रिश्तों का दुनिया में सैर करना
हज़रत अब्दुल्लाह बिन मसऊद (रज़ि.) से मरवी है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाय…
2 weeks ago
दुआ से पेहले दुरूद शरीफ़ पढ़ना
हज़रत फ़ुज़ाला बिन उबैदुल्लाह (रज़ि.) फ़रमाते हैं के एक मर्तबा रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) …
નવા લેખો
हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु – रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के खजांची
كان رسول الله صلى الله عليه وسلم إذا تلقى مالا للمسلمين، أودعه عند سيدنا بلال رضي الله عنه (معينا له خازنا عليه) (من الإصابة ١/٤٥٥) जब भी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के पास मुसलमानों के लिए कोई माल आता था, तो आप सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम उसे हज़रत बिलाल रद़ियल्लाहु अन्हु …
اور پڑھوहज और उमरह करने वालो के लिए नसीहत – ३
बे-मुरव्वती और ना-शुक्री की अलामत
हज़रत क़तादा (रह.) से रिवायत है के रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) इरशाद फ़रमाया के “यह असभ्यता और नाशुकरी की बात है के किसी व्यक्ति के सामने मेरा तज़किरा किया जाए और वह मुझ पर दुरूद न भेजे.”...
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી