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दाढ़ी के मस्अले में हज़रत मदनी रह़मतुल्लाहि अलैहि का रिआयत न करना

शैख़ुल-हदीस हज़रत मौलाना मुहम्मद ज़करिय्या रह़मतुल्लाहि अलैहि ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: हज़रत मदनी रह़िमहुल्लाह आख़िर उम्र में दाढ़ी के मस्अले पर बड़ी शिद्दत से तंबीह फ़रमाया करते थे। मुझसे हज़रत के बाज़ जेल के साथियों ने कहा कि एक आपके अख़लाक़ हैं, एक उनके अख़लाक़ कि वो हज़रत दाढ़ी …

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नमाज़ में दुरूद शरीफ़

हज़रत अब्दुल्लाह बिन उमर (रज़ि.) से रिवायत है के ‎‎“रसूलुल्लाह (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने हमें तशह्हुद की दुआ (अत तहिय्यातुत ‎तय्यिबातुज़ ज़ाकियातु अख़ीर तक) सिखाते थे (और उस के बाद फ़रमाते के तशह्हुद की ‎दुआ पढ़ने के बाद) दुरूद शरीफ़ पढ़ना चाहिए.”...

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कुरैश की हिदायत के लिए हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु की दुआ

हज़रत बिलाल रज़ियल्लाहु अन्हु रोज़ाना कुरैश (यानी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के खानदान) की हिदायत के लिए फज्र की अज़ान देने से पहले दुआ किया करते थे: “ऐ अल्लाह! मैं आपकी हम्द बयान करता हूं और आपकी मदद चाहता हूं कि आप कुरैश को इस्लाम की तरफ ले आएं ताकि …

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हज़रत बिलाल (रज़ियल्लाहु अन्हु) – मोअज़िनों के सरदार

قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: نعم المرء بلال، ولا يتبعه إلا مؤمن، وهو سيد المؤذنين (من أمتي)، والمؤذنون أطول الناس أعناقا يوم القيامة (أي: يكونون من أصحاب الرتب العالية في الآخرة). (المعجم الكبير، الرقم: ٥١١٩) रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक मर्तबा फ़रमाया: बिलाल बहुत अच्छे आदमी हैं! …

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