عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى علي من بعيد أعلمته (أخرجه أبو الشيخ في الثواب له من طريق أبي معاوية عن الأعمش عن أبي صالح عنه ومن طريقه الديلمي وقال ابن القيم إنه غريب …
اور پڑھوताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २
(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन…
हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु का ज़बरदस्त इल्म
قال التابعي الجليل مسروق رحمه الله: لقد جالست أصحاب محمد صلى الله عليه وسلم، فوجدتهم كالإخاذ (الذي ي…
दुरूद-शरीफ का कई गुना सवाब
عن أبي هريرة رضي الله عنه عن النبي صلى الله عليه وسلم قال من صلى علي عشرا صلى الله عليه مئة ومن صلى …
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – ३
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के लिए हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ियल्लाहु अ़न्हु की इताअ़…
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम को फ़रिश्तों के ज़रिए दुरूद शरीफ़ के बारे में ख़बर पड़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم من صلى علي عند قبري سمعته ومن صلى عل…
નવા લેખો
हदिया, सदक़ा और क़र्ज़ के अज़ीम फ़ज़ाइल
हज़रत मौलाना मुह़म्मद इल्यास साहब रह़्मतुल्लाह अलैह ने एक मर्तबा इर्शाद फ़रमाया: लोगों को हदिया, सदक़ा और क़र्ज़ के फ़ज़ाइल वाक़िआते-सहाबा रज़ियल्लाहु त’आला अ़न्हुम से बतलाना चाहिएं। सहाबा रज़ियल्लाहु त’आला अ़न्हुम मज़दूरी कर के सदक़ा करते थे। उन में सिर्फ़ अग़्निया (मालदार) ही सदक़ा नहीं करते थे। ग़रीब भी मज़दूरी …
اور پڑھوसूरह फ़ातिहा की तफ़्सीर
الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ (۱) الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ (۲) مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ (۳) إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ (٤) اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ (۵) صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ (٦) غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ (۷) तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जो तमाम जहानों का रब है (१) जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है (२) जो रोज़-ए-जज़ा (बदले के दिन) का मालिक …
اور پڑھوजुमा के दिन दुरूद-शरीफ़ की कसरत (दुरूद शरीफ़ ज़्यादा पढ़ना)
عن أوس بن أوس رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم إن من أفضل أيامكم يوم الجمعة فأكثروا علي من الصلاة فيه فإن صلاتكم معروضة علي (سنن أبي داود#١٠٤٧)
हज़रत औस बिन औस (रज़ि.) से रिवायत है के...
اور پڑھوसामान की क़ीमत तय (फिक्स) किए बग़ैर खरीद-फरोख्त का हुक्म
सवाल: मैं अपने दोस्त से कुछ ख़रीदने गया था। उसने मुझे सामान दे दिया और मुझसे कहा कि बाद में वह मुझसे क़ीमत के बारे में बात करेगा। इस खरीद-फरोख्त का शरई हुक्म क्या है? अगर यह खरीद-फरोख्त दुरुस्त नहीं है, तो इसको सही करने का क्या तरीक़ा है? जवाब: …
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