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नबी-ए-करीम सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम का सलाम करने वाले को जवाब देना

عن أبي هريرة رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: ما من أحد يسلم علي إلا رد الله علي روحي حتى أرد عليه السلام (سنن أبي داود، الرقم:۲٠٤۱، وسنده جيد كما قال العراقي في المغني عن حمل الأسفار في الأسفار صـ ۳٦۷) رواه أحمد في رواية …

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अमर बिल मरूफ और नही अनिल मुन्कर की जिम्मेदारी नौवीं क़िस्त

चार जिम्मेदारियाँ दीन की सुरक्षा की बुनियाद दुनिया में दीन कायम करने के लिए अल्लाह तआला ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को चार बुनियादी जिम्मेदारियाँ देकर भेजा था। वे चार जिम्मेदारियाँ यह थीं: (1) उम्मत को कुरआन मजीद की तिलावत का सही तरीका सिखाना (2) उन्हें दीन की तालीम और …

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सूरह फ़लक की तफ़सीर

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ‎﴿١﴾‏ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ‎﴿٢﴾‏ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ‎﴿٣﴾‏ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ‎﴿٤﴾‏ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ‎﴿٥﴾‏ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम! लोगों से) कह दीजिए कि मैं पनाह मांगता हूं सुबह के रब की (१) हर चीज़ के शर से जो उसने बनाई (२) और अंधेरी …

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हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु से रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम की मोहब्बत

عن سيدنا أبي الدرداء رضي الله عنه أنه قال: كان رسول الله صلى الله عليه وسلم ليدني أبا ذر إذا حضر، ويفتقده إذا غاب (مسند الشاميين، الرقم: ١٤٦٤) हज़रत अबू-दर्दा रज़ियल्लाहु अ़न्हु ने फ़रमाया: “जब हज़रत अबू-ज़र रज़ियल्लाहु अ़न्हु हाज़िर होते थे, तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम उन्हें अपने क़रीब …

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फज़ाइले-सदकात – ३०

अब्दुल हमीद बिन-सा’द की सखावत एक मर्तबा मिसर में कहत पड़ा। अब्दुल हमीद बिन-सा’द मिस्र के हाकिम थे, कहने लगे: मैं शैतान को बताऊँगा कि मैं उसका दुश्मन हूँ (वह ऐसे वक़्त में बहुत एहतियात से ख़र्च करने की तर्गीब देता है।)मिस्र में जितने फुकरा नादार थे, सबका खाना मेरे …

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