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फज़ाइले-सदकात – २९

हज़रत सईद बिन-आमिर रह़िमहुल्लाह की सख़ावत हज़रत सईद बिन-आमिर रह़िमहुल्लाह हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु की जानिब से ह़िम्स के हाकिम (गवर्नर) थे। अहले-ह़िम्स ने हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु से इनकी मुतअद्दद शिकायतें कीं और इनके माज़ूल करने की दख़्र्वास्त की। हज़रत उमर रज़ियल्लाहु अ़न्हु को हक तआला शानुहू ने फिरासत …

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दूसरे अंबिया अलैहिमुस्सलाम के साथ रसूले-करीम सल्लल्लाहु अलैहि ‎व-सल्लम पर दुरूद भेजना

जब तुम अंबिया (अलै.) पर दुरूद भेजो, तो उन के साथ मुझ पर दुरूद भेजो, क्युंकि में भी रसूलों में से एक रसूल हुं...

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दुरूद-शरीफ न पढ़ना क़ियामत के दिन हसरत और अफ़सोस का सबब

हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़्वाब में ज़ियारत हुई के हुज़ूरे अकद़स (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) की ख़िदमत में शिब्ली हाज़िर हुए, हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) खड़े हो गए और उन की पेशानी को बोसा दिया और मेरे इसतिफ़सार (बहोत ज़्यादा पूछने) पर हुज़ूरे अक़दस (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) ने इरशाद फ़रमाया के...

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मोहब्बत का बाग (किस्त: ८४)

हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की अज़ीम कुर्बानियां अल्लाह तआला ने हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम पर अलग-अलग आज़माइश और इम्तिहान डाले और वे हर इम्तिहान और आज़माइश में पूरी तरह फ़रमां-बरदारी दिखाते हुए कामयाब हुए। दर-हकीकत हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की रज़ा के लिए जो अपनी ज़िंदगी में अज़ीम कुर्बानियां दी थीं, …

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मोहब्बत का बाग (किस्त: ८३)

हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम का रास्ता: अक्लमंदी का रास्ता कुरान-मजीद में अल्लाह तआला ने साफ़ तौर पर ऐलान फरमाया है कि जो शख्स हज़रत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के रास्ते से मुंह मोड़कर उसे छोड़ दे और किसी और रास्ते पर चले, तो हकीकत में वह बेवकूफ है, जो जहालत के रास्ते पर …

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