Monthly Archives: October 2026

सूरह फ़ातिहा की तफ़्सीर

الْحَمْدُ لِلَّهِ رَبِّ الْعَالَمِينَ ‎(۱)‏ الرَّحْمَٰنِ الرَّحِيمِ ‎(۲)‏ مَالِكِ يَوْمِ الدِّينِ ‎(۳)‏ إِيَّاكَ نَعْبُدُ وَإِيَّاكَ نَسْتَعِينُ (٤) اهْدِنَا الصِّرَاطَ الْمُسْتَقِيمَ (۵)‏ صِرَاطَ الَّذِينَ أَنْعَمْتَ عَلَيْهِمْ (٦) غَيْرِ الْمَغْضُوبِ عَلَيْهِمْ وَلَا الضَّالِّينَ (۷) तमाम तारीफ़ें अल्लाह के लिए हैं, जो तमाम जहानों का रब है (१) जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है (२) जो रोज़-ए-जज़ा (बदले के दिन) का मालिक …

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जुमा के दिन दुरूद-शरीफ़ की कसरत (दुरूद शरीफ़ ज़्यादा पढ़ना)

عن أوس بن أوس رضي الله عنه قال قال رسول الله صلى الله عليه وسلم إن من أفضل أيامكم يوم الجمعة فأكثروا علي من الصلاة فيه فإن صلاتكم معروضة علي (سنن أبي داود#١٠٤٧)

हज़रत औस बिन औस (रज़ि.) से रिवायत है के...

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सामान की क़ीमत तय (फिक्स) किए बग़ैर खरीद-फरोख्त का हुक्म‎

सवाल: मैं अपने दोस्त से कुछ ख़रीदने गया था। उसने मुझे सामान दे दिया और मुझसे कहा कि बाद में वह मुझसे क़ीमत के बारे में बात करेगा। इस खरीद-फरोख्त का शरई हुक्म क्या है? अगर यह खरीद-फरोख्त दुरुस्त नहीं है, तो इसको सही करने का क्या तरीक़ा है? जवाब: …

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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु के इल्मे-दीन को फैलाना

لما دخل سيدنا علي رضي الله عنه الكوفة وشاهد علم أهلها، قال: أصحاب عبد الله سرج هذه القرية (في نشر علم الدين وإرشاد الناس) (الطبقات الكبرى ٦/٩٠) जब हज़रत अली रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु कूफ़ा शहर में दाख़िल हुए और वहाँ के रहने वालों के इल्म को देखा, तो उन्होंने फ़रमाया: “अब्दुल्लाह …

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हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम की मोहब्बत

قال سيدنا عمرو بن العاص رضي الله عنه: سأحدثك برجلين (معينين) مات رسول الله صلى الله عليه وسلم وهو يحبهما عبد الله بن مسعود وعمار بن ياسر (مسند أحمد، الرقم: ١٧٨٠٧) एक मर्तबा हज़रत अम्र बिन-आस रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु ने एक शख़्स से फ़रमाया: “मैं तुम्हें दो ऐसे ख़ास शख्सियतों के …

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रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम के हुकूक – २

पुख़्ता ईमान और कामिल यक़ीन का फ़रीज़ा दूसरा फ़रीज़ा यह है कि हम नबी करीम सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम पर पूरा ईमान रखें और जो कुछ आप सल्लल्लाहु अ़लैहि व-सल्लम ने हमें बताया है, हम अपने दिलों से उसको क़बूल करें। क़ुरैश के बहुत से लोग ऐसे थे जो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु …

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हज़रत उ़मर रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु की ज़बान से हज़रत अ़ब्दुल्लाह बिन-मसऊ़द रज़ि‍यल्लाहु अ़न्हु के अज़ीम इल्म की तारीफ़

في إحدى المرّات، سُئل سيّدنا عمر رضي الله عنه عن مسألة، وكان سيّدنا عبد الله بن مسعود رضي الله عنه جالسًا عنده. فالتفت سيّدنا عمر رضي الله عنه إليه، وطلب منه أن يُجيب عن تلك المسألة. فلمّا أجاب سيّدنا عبد الله بن مسعود رضي الله عنه، أقرّ سيّدنا عمر رضي …

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गुलामों को आज़ाद करने से अफ़ज़ल

عن أبي بكر رضي الله عنه قال: الصلاة على النبي صلى الله عليه وسلم أمحق للخطايا من الماء للنار والسلام على النبي صلى الله عليه وسلم أفضل من عتق الرقاب وحبّ رسول الله صلى الله عليه وسلم أفضل من مهج الأنفس أو قال: من ضرب السيف في سبيل الله (رواه …

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ताज़ियत की सुन्नतें और आदाब – २

(१) ताज़ियत का मतलब यह है कि मय्यित के रिश्तेदारो और अज़ीज़ों को उन की मुसीबत पर तसल्ली दी जाए और उन के साथ हमदर्दी और भलाई वाला सुलूक किया जाए। इस का तरीक़ा यह है कि मय्यित के घर वालों की मौजूदगी में मय्यित के लिए दुआ की जाए। …

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खरीदार का अपना पैसा या खरीदा हुआ सामान भूल जाना

सवाल: मैं एक दुकान में काम करता हूँ। कभी ऐसा होता है कि कोई खरीदार अपना पैसा भूल जाता है और कभी अपना खरीदा हुआ सामान भूल जाता है। ऐसी सूरत में उसके पैसे और खरीदे हुए सामान के साथ क्या किया जाए? जवाब: अगर कोई शख्स अपना पैसा या …

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