रौज़-ए-अक़दस की ज़ियारत की फ़ज़ीलत 3 hours ago दुरूद शरीफ 0 जिस ने मेरी वफ़ात के बाद मेरी क़बर की ज़ियारत की, वह उस शख़्स की तरह है जिस ने मेरी ज़िन्दगी में मेरी ज़ियारत की... اور پڑھو