एक साहब ने एक घरेलू मामले के संबंध में अर्ज़ किया कि इससे हजरत (हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी रह़िमहुल्लाह) को तक्लीफ़ हुई होगी। हज़रत वला (हज़रत मौलाना अशरफ़ अली थानवी रह़िमहुल्लाह) ने फ़र्माया: नहीं साहब! मुझे कुछ तकलीफ नहीं हुई.अल्लाह तआला का लाख लाख शुकर है कि उसने मुझ …
اور پڑھوDaily Archives: January 25, 2025
सूरह-फलक़ और सूरह-नास की तफ़सीर – प्रस्तावना
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ ﴿١﴾ مِن شَرِّ مَا خَلَقَ ﴿٢﴾ وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ ﴿٣﴾ وَمِن شَرِّ النَّفَّاثَاتِ فِي الْعُقَدِ ﴿٤﴾ وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ ﴿٥﴾ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम! लोगों से) कह दीजिए कि मैं पनाह मांगता हूं सुबह के रब की (१) हर चीज़ के शर से जो उसने बनाई (२) और अंधेरी …
اور پڑھوहज़रत तलहा बिन उबैदुल्लाह रज़ियल्लाहु अन्हु का अपने लिए जन्नत हासिल करना
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: أوجب طلحة (أي الجنة) (جامع الترمذي، الرقم: 1692) तल्हा ने (जन्नत) को अपने लिए वाजिब कर लिया। हज़रत तल्हा रज़ियल्लाहु अन्हु उहुद की लड़ाई में हज़रत ज़ुबैर बिन अवाम रज़ियल्लाहु अन्हु फ़रमाते हैं के हुज़ूर अक़दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम के मुबारक बदन पर उहुद …
اور پڑھوफज़ाइले-सदकात – १६
‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात बारहवीं अलामत: बारहवीं अलामत बिदआत (बिदअत) से बहुत शिद्दत और एहतिमाम से बचना है, किसी काम पर आदमियों की कसरत का जमा हो जाना कोई मोतबर चीज़ नहीं। बल्कि असल इत्तिबा हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का है और यह देखना है कि सहाबा-ए-किराम रज़ियल्लाहु अन्हुम का …
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી