‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात पांचवीं अलामत: उलमा-ए-आख़िरत की यह है कि सलातीन और हुक्काम से दूर रहें, (बिला ज़रूरत के) उनके पास हरगिज़ न जाएं, बल्कि वो ख़ुद भी आएं, तो मुलाकात कम रखें। इसलिए कि उनके साथ मेल-जोल, उनकी खुशनूदी और रिज़ा-जोई में तकल्लुफ बरतने से खाली न होगा। …
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हज़रत अबू-‘उबैदा रद़ियल्लाहु अन्हु के लिए जन्नत की बशारत
अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने इर्शाद फ़र्माया: أبو عبيدة في الجنة (أي: هو ممن بشّر بالجنة في الدنيا) (سنن الترمذي، الرقم: ٣٧٤٧) अबू-‘उबैदा जन्नत में होंगे। (यानी वह उन लोगों में से हैं जिन्हें इस दुनिया में जन्नत की खुशखबरी दी गई।) हज़रत ‘उमर रद़ियल्लाहु ‘अन्हु की आरज़ू …
اور پڑھوजुमा के दिन कसरत से दुरूद-शरीफ़ पढ़ना
عن أبي هريرة رضي الله عنه قال: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم : أكثروا الصلاة علي في الليلة الزهراء واليوم الأغر فإن صلاتكم تعرض علي (المعجم الأوسط للطبراني وسنده ضعيف لكن يتقوى بشواهده كما في القول البديع صـ 325) हज़रत अबू-हुरैरा रद़ियल्लाहु अन्हु से रिवायत है कि रसूलुल्लाह …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – १८
हज़रत इब्ने अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा की नसीहत वहब बिन मुनब्बह रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि हजरत अब्दुल्लाह बिन अब्बास रद़ियल्लाहु अन्हुमा की ज़ाहिरी बीनाई (आंखो की रौशनी) जाने के बाद, मैं उनको ले जा रहा था। वह मस्जिदे ह़राम में तशरीफ़ ले गए। वहां पहुंचकर एक मज्मे’ से कुछ झगड़े की …
اور پڑھوफज़ाइले-आमाल – १७
हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू की हालत आप रद़िय अल्लाहु अन्हु के गुलाम हजरत अस्लम रह़िमहुल्लाह कहते हैं कि मैं एक मर्तबा हजरत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हु के साथ ह़र्रा की तरफ़ जा रहा था। (ह़र्रा= मदीना के करीब एक जगह का नाम है।) एक जगह आग जलती हुई जंगल …
اور پڑھوउम्मते-मुहम्मदिया का खास अमीन
रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम ने फ़रमाया: لكل أمة أمين (خاص)، وأمين هذه الأمة (يتولّى أمورها) أبو عبيدة بن الجراح (صحيح البخاري، الرقم: ٤٣٨٢) हर उम्मत का एक (खास) अमीन होता है (दीनी कामों की देखभाल के लिए) और इस उम्मत का (खास) अमीन अबू-उबैदा बिन जर्राह़ हैं। हज़रत अबू-उबैदा बिन …
اور پڑھوबदनसीब इन्सान
جابر بن عبد الله رضي الله عنهما يقول: قال رسول الله صلى الله عليه وسلم: من ذكرت عنده فلم يصل علي فقد شقي (عمل اليوم والليلة لابن السني، الرقم: ۳۸۱) हज़रत जाबिर रद़ियल्लाहु अन्हु ने हुज़ूरे-अक़्दस सल्लल्लाहु अलैहि व-सल्लम का यह इर्शाद नक़ल किया है कि जिसके सामने मेरा ज़िकर …
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