Monthly Archives: September 2024

फज़ाइले-आमाल – १२

हुज़ूर सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम का तमाम रात रोते रहना नबी-ए-अकरम सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम एक मर्तबा तमाम रात रोते रहे और सुबह तक नमाज में यह आयत तिलावत फर्माते रहे: إِن تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ ۖ وَإِن تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ ‎﴿١١٨﴾ ‘ए अल्लाह ! अगर आप उनको सज़ा दें, जब भी आप …

اور پڑھو

इस्लाम के एक अज़ीमुश्शान मददगार

ذات مرة، قال سيدنا عمر رضي الله عنه عن سيدنا الزبير رضي الله عنه: إن الزبير عمود من عمد الإسلام (أي: حام راسخ من حماة الإسلام). (تاريخ دمشق 18/397) हज़रत ‘उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू ने हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू के बारे में फरमाया: ज़ुबैर इस्लाम के सुतूनों में से …

اور پڑھو

फज़ाइले-आमाल – ११

अंधेरे में हज़रत अनस रद़िय अल्लाहु अन्हू का फ़ेल नद़्र बिन अब्दुल्लाह रद़िय अल्लाहु अन्हू कहते हैं कि हजरत अनस रद़िय अल्लाहु अन्हू की जिन्दगी में एक मर्तबा दिन में अंधेरा छा गया। मैं हजरत अनस रद़िय अल्लाहु अन्हू की खिदमत में हाजिर हुआ और अर्ज किया कि हुजूर सल्लल्लाहु …

اور پڑھو

फज़ाइले-आमाल – १०

दूसरा बाब: अल्लाह जल्ल जलालुहू व ‘अम्म नवालुहू का ख़ौफ़ और डर दीन के साथ इस जांफ़िशानी के (जान छिड़कने के) बावजूद, जिसके क़िस्से अभी गुज़रे और दीन के लिए अपनी जान व माल, आबरू सब कुछ फ़ना कर देने के बाद जिसका नमूना अभी आप देख चुके हैं, अल्लाह …

اور پڑھو

हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू के लिए रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैही व-सल्लम की खुसूसी दुआ

عن سيدنا الزبير رضي الله عنه أن رسول الله صلى الله عليه وسلم قال: من يأت بني قريظة فيأتيني بخبرهم. فانطلقتُ، فلما رجعت، جمع لي رسول الله صلى الله عليه وسلم أبويه فقال: فداك أبي وأمي (صحيح البخاري، الرقم: ٣٧٢٠) हज़रत ज़ुबैर रद़िय अल्लाहु अन्हू बयान करते हैं कि एक …

اور پڑھو

फज़ाइले-आमाल – ९

हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू का क़िस्सा हज़रत उमर रद़िय अल्लाहु अन्हू जिनके पाक नाम पर आज मुसलमानों को फख्र है। और जिनके जोशे-ईमानी से आज तेरह सौ वर्ष बाद तक काफ़िरों के दिल में ख़ौफ़ है, इस्लाम लाने से क़ब्ल मुसलमानों के मुक़ाबले और तकलीफ़ पहुंचाने में भी मुमताज़ …

اور پڑھو

अमल और मेहनत के बगैर कोई चारा नहीं है

शेख-उल-हदीस हजरत मौलाना मुहम्मद ज़करिया रहिमहुल्लाह ने एक मर्तबा इर्शाद फरमाया: मेरा प्यारो! कुछ कर लो। مَنْ طَلَبَ الْعُلى سَهِرَ الَّیَالِيَ जो शख़्स कुछ बनना चाहे, तो उस को रातों में जागना पड़ता है। फरमाया: एक शख्स थे, जो कुछ रोज़ हजरत रायपुरी रहिमहुल्लाह की खिदमत में रहे, ज़िक्र-ओ-अज़कार में …

اور پڑھو

फज़ाइले-सदकात – ८

‘उलमा-ए-आख़िरत की बारह अलामात तीसरी अलामत तीसरी अलामत यह है कि ऐसे ‘उलूम में मशगूल हो जो आख़िरत में काम आने वाले हों, नेक कामों में रग्बत पैदा करने वाले हों, ऐसे उलूम से इह़्तिराज़ करे (बचें) जिनका आख़िरत में कोई नफा नहीं है या नफा कम है। हम लोग …

اور پڑھو

रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैही व-सल्लम के महबूब

ذات مرة، قال سيدنا عثمان بن عفان رضي الله عنه عن سيدنا الزبير رضي الله عنه: أما والذي نفسي بيده إنه لخيرهم ما علمت (من الصحابة الأحياء)، وإن كان لأحبهم إلى رسول الله صلى الله عليه وسلم (صحيح البخاري، الرقم: ٣٧١٧) एक मर्तबा हज़रत उस्मान रद़िय अल्लाहु अन्हू ने हज़रत …

اور پڑھو

सूरह इख़लास की तफ़सीर

قُل هُوَ اللّٰهُ اَحَدٌ ‎﴿١﴾‏ اللّٰهُ الصَّمَدُ ‎﴿٢﴾‏ لَم يَلِدْ وَلَم يُوْلَد ‎﴿٣﴾‏ وَلَمْ يَكُن لَهُ كُفُوًا اَحَدٌ ‎﴿٤﴾ आप (ऐ मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम लोगों से) कह दीजिए कि अल्लाह एक है (यानी अल्लाह त’आला अपनी ज़ात-ओ-सिफात में यकता है (१) अल्लाह बे-नियाज़ है (यानी सारी मखलूक उसकी …

اور پڑھو