अगर मय्यित के नाख़ुनों पर नाख़ुन पालिश लगी हो, तो क्या ग़ुसल देने वाले के लिए उस को निकालना ज़रूरी है?...
اور پڑھوMonthly Archives: January 2022
मोहब्बत का बग़ीचा (उन्नीसवां प्रकरण)
अल्लाह सुब्हानहु वतआला ने इन्सान को बेशुमार नेअमतों से नवाज़ा है. कुछ नेअमतें शारिरिक हैं और कुछ नेअमतें रूहानी हैं. कभी एक नेअमत एसी होती है के वह बेशुमार नेअमतों को शामिल होती है. मिषाल के तौर पर आंख एक नेअमत है, मगर...
اور پڑھوशैतान के प्रलोभनों (वसवसों) को नज़रअंदाज़ करना
एक साहब जो वसाविस में मुब्तला थे सवाल के जवाब में फ़रमाया के शैतान के भगाने की तदबीर यह है के हिम्मत से उस का मुक़ाबला करो और मुक़ाबला यही है के उस की तरफ़ इलतिफ़ात(ध्यान) मत करो...
اور پڑھو(८) जनाज़े से संबंधित मुतफ़र्रिक़ मसाईल
सवालः- मय्यित को ग़ुसल किस को देना चाहिए? कभी कभी मय्यित के ग़ुसल के वक़्त कुछ लोग मात्र देखने के लिए आ जाते हैं, जबके मय्यित के परिवार वाले इस को पसन्द नहीं करते हैं, तो क्या परिवार वाले उन लोगों को मनअ कर सकते हैं?...
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી