फ़ज़र की नमाज़ और मग़रिब की बाद सो (१००) बार दुरूद शरीफ़ March 4, 2021 दुरूद शरीफ 0 तो हज़रत उम्मे सुलैम (रज़ि.) ने एक शीशी ली और उस में आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) का मुबारक पसीना जमअ करने लगीं. जब आप (सल्लल्लाहु अलयहि वसल्लम) बेदार हुए, तो सवाल किया के “ए उम्मे सुलैम यह तुम क्या कर रही हो?”... اور پڑھو