सवाल – मुझे एतेकाफ़ का इरादह था, लेकिन अफ़सोस है के ज़्यादह टराफ़िक होने की वजह से में मस्जिद को समय पर नहीं पहुंच सका, एतेकाफ़ के शुरू समय के बाद में मस्जिद पहुंचा, तो क्या मेरा सुन्नत एतेकाफ़ दुरूस्त है? क्या मेरे ज़िम्मे आइन्दह साल दोबारह एतेकाफ़ करना ज़रूरी …
اور پڑھوMonthly Archives: April 2020
एतेकाफ़ की हालत में मोबाईल का इस्तेमाल
सवाल – अगर कोई आदमी एतेकाफ़ के दौरान मस्जिद में किसी अहम काम के लिए मोबाईल फ़ोन इस्तेमाल करे, तो क्या उस के लिए इस तरह करना जाईज़ है और उस के एतेकाफ़ पर कोई अषर नही पड़ेगा ? में जानता हुं के एतेकाफ़ के दौरान मोबाईल फ़ोन के साथ …
اور پڑھوतरावीह की नमाज़ पर मुआवज़ा लेना
सवाल – तरावीह की नमाज़ पर मुआवज़ा लेने का क्या हुक्म है? में यह मसअला उन लोगों को दिखाना चाहता हुं जो मुझे तरावीह की नमाज़ पर मुआवज़ा लेने पर मजबूर करते है. हक़ीक़त यह है के में जिस मुल्क में रिहाईश पज़ीर हुं. वहां तरावीह की नमाज़ की इमामत …
اور پڑھوतरावीह की नमाज़ के लिए जाने से पेहले मस्जिद में इशा की नमाज़ अदा करना
सवाल – रमज़ान के महीने में बहोत से लोग तरावीह की नमाज़ मस्जिद में नही पढ़ते हैं, बल्कि अपने धरों और कारख़ानों में बाजमाअत पढ़ते हैं, चुंके वह उन्हीं जगहों में तरावीह की नमाज़ पढ़ते हैं, तो वह उधर इशा की नमाज़ भी पढ़ते हैं, वह मस्जिद में इशा की …
اور پڑھوऔरतों के लिए तरावीह की नमाज़
सवाल – क्या यह वात सहीह है के औरतों के लिए तरावीह की नमाज़ अदा करना ज़रूरी नहीं है?
اور پڑھوतरावीह की नमाज़ का हुकम
सवाल – तरावीह की नमाज़ का हुकम क्या है?
اور پڑھوकारख़ाने के अधूरे तैयार किये हुए माल पर ज़कात
सवाल:– मेरे पास कपड़ा तैयार करने का कारख़ाना है। मैं सब से पेहले विदेश से सूत हासिल करता हूं, और फिर उसी सूत से कपड़े तैयार करता हूं. जब कपड़े तैयार हो जाते हैं तो मैं उन कपड़ों को बाज़ मख़सूस कंपनीयों को दस फ़ीसद के नफ़ा के साथ फ़रोख़्त …
اور پڑھوनाक़ाबिले वुसूल क़र्ज़ पर ज़कात
सवाल:– क्या उस क़र्ज़ या दैन पर ज़कात फ़र्ज़ है, जो आदमी क़र्ज़दार से वापस मिलने की उम्मीद नहीं रखता है?
اور پڑھوरोज़े में नाक से ख़ून निकलना
सवाल – रोज़े के दौरान अगर नाक से ख़ून निकल जाए तो क्या रोज़ा टूट जाएगा?
اور پڑھوरोज़े में मसोढ़ों से ख़ून निकलना
सवाल – अगर रोज़े के दौरान मसोढ़ों से ख़ून निकल जाए और हलक़ में दाखिल हो जाए, तो क्या उस से रोज़ा टूट जाएगा? अगर रोज़ा टूट जाएगा, तो क्या क़ज़ा और कफ़्फ़ारह दोनों लाज़िम होंगे या सिर्फ क़ज़ा लाज़िम होगी?
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