हज्ज

हालते हैज (माहवारी) में तवाफे जियारत करना

सवाल – हज के दरमियान, तवाफे-जि़यारत से पेहले औरत (महिला) को हैज़ (माहवारी) शुरू हो जाए तो क्या वह हैज़ की हालत (माहवारी) में ज़ियारत कर सकती है?

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एहराम बांधने के बाद सफर पर कादिर न होना

सवाल – एक आदमी ने हज या उमरह का एहराम बांध लिया, लेकिन उस को ऐसी बिमारी लग गई कि अब वह सफरे-हज पर नहीं जा सकता है, इस मस्अलह में शरीअत क्या कहती है? नीज़ ऐसा आदमी एहराम से कैसे निकलेगा?

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