सवाल – क्या एक पैर से लंगड़े जानवर की क़ुर्बानी दुरूस्त है?
اور پڑھوक़ुर्बानी के जानवर में सातवें हिस्से से कम हिस्सा लेना
सवाल – अगर क़ुर्बानी के जानवर के शुरका में से किसी शरीक का हिस्सा सातवें हिस्से से कम हो, तो क्या तमाम शुरका की क़ुर्बानी दुरूस्त है?
اور پڑھوक़ुर्बानी के लिए ख़रीदा गया जानवर का ज़बह करना
सवाल – एक आदमी ने (जिस पर क़ुर्बानी वाजिब थी) क़ुर्बानी का जानवर ख़रीदा, मगर उस को ज़बह नहीं कर सका, यहां तक के क़ुर्बानी के अय्याम गुज़र गए, तो वह क़ुर्बानी की क़ज़ा कैसे करे?
اور پڑھوछुटी हुई क़ुर्बानी की क़ज़ा
सवाल – एक आदमी पर क़ुर्बानी वाजिब थी, मगर उस ने क़ुर्बानी नहीं की, यहां तक के क़ुर्बानी के अय्याम गुज़र गए, तो वह क़ुर्बानी की क़ज़ा कैसे करे?
اور پڑھوनज़र या वसिय्यत के ज़बीहे का गोश्त इस्तेमाल करना
सवाल – अगर कोई क्या नज़र या वसिय्यत के ज़बीहे का गोश्त खा ले, तो उस की तलाफ़ी की क्या सूरत है?
اور پڑھوतमाम शुरका का संपूर्ण जानवर सदक़ा कर देना
सवाल – क्या तमाम शुरका के लिये पूरे जानवर के गोश्त का सदक़ा कर देना जाईज़ है?
اور پڑھوक़ुर्बानी का गोश्त उजरत के तौर पर देना
सवाल – क्या क़ुर्बानी का गोश्त मज़दूरी के तौर पर चमड़ा उतारने वालों और दूसरे काम करने वालोंको देना जाईज़ है?
اور پڑھوमय्यित की तरफ़ से ज़बह किए गए जानवर का गोश्त
सवाल – एक आदमी ने मय्यित की तरफ़ से जानवर ज़बह किया, तो वह उस के गोश्त का क्या करे?
اور پڑھو
Alislaam.com – اردو हिन्दी ગુજરાતી